खंड विकास अधिकारी अछनेरा नवीन कुमार के मुताबिक रायभा की तरह 57 तालाबों की खोदाई इस मानसून में कराई जा रही है। ब्लॉक में 57 तालाब खोदने के बाद बारिश का पानी व्यर्थ नहीं जाएगा। यहां 25 तालाबों की खोदाई हो चुकी है। इनमें पानी नहीं छोड़ा गया है।
सूरजपुरा : सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू
शमसाबाद के सूरजपुरा गांव में तालाब का काम पूरा करने के बाद अब सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया है। तालाब के किनारे मानसून में पौधे लगाए जाएंगे ताकि नमी से पनप सकें। एपीओ शिवेंद्र ने बताया कि 39 ग्राम पंचायतों में तालाब खोदाई और 159 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम कराया जा रहा है। इससे भूगर्भ जल में आ रही गिरावट पर अंकुश लग सके गा।
महाराजपुर : 70 ग्राम पंचायतों में 120 तालाब
फतेहाबाद के गांव महाराजपुर गांव में गांव के लोग सहयोग करते हुए तालाब की खोदाई में जुटे हैं। प्रधान निहाल सिंह के मुताबिक 1.79 लाख रुपये तालाब की खोदाई पर खर्च होंगे। खंड विकास अधिकारी मंगल यादव ने बताया कि फतेहाबाद में 70 ग्राम पंचायतों में 120 तालाब खोदे जा रहे हैं।
फतेहपुर सीकरी : 51 का लक्ष्य, 30 की खोदाई
सीकरी में पानी की किल्लत से मुगल बादशाह अकबर को अपनी राजधानी बदलनी पड़ी थी। यहां 57 ग्राम पंचायतों में 51 तालाब खोदने का लक्ष्य मिला है। फिलहाल मनरेगा से 30 तालाबों की खोदाई का काम चल रहा है।
घरों, गलियों में जलभराव से मिलेगी मुक्ति
बारिश में बाह के मिढ़कौली और धोबई में घरों में पानी भरने के साथ गलियों में पानी भरता था, पर इस बार तालाबों की खोदाई, सफाई होने से जलभराव से मुक्ति मिल सकेगी। एडीओ पंचायत लक्ष्मीराज यादव ने बताया कि नालियों का पानी अब गलियों में भरने की जगह सीधे तालाब में पहुंचेगा। बारिश का पानी रोकने के साथ 3 हजार लोग जलभराव से परेशान नहीं होंगे।
पाताल में पहुंचा पानी
सूरजपुरा के ग्राम प्रधान भूरी सिंह ने बताया कि तालाब में पानी रहेगा तो भूगर्भ जल में भी गिरावट कम होगी। बारिश का पानी रोकने का इससे अच्छा कोई उपाय नहीं। हमारे खेतों में पानी पाताल में पहुंच चुका है।