अब तक 560 पत्र लिखे गए
विजय ने बताया कि सभी मंत्रालयों, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को 560 पत्र लिखे। कई आंदोलन भी किए। सरकार ने 2011 में ब्रज मंडल के सभी संतों, चारों पीठ के शंकराचार्यजी और यमुना भक्तों की एक सभा गांधी पार्क में आयोजित की गई और 2011 में यमुना भक्त बसों से एवं अपने-अपने वाहनों से दिल्ली के जंतर-मंतर गए सरकार को कोसा गया।
हर समय यमुना भक्त छले गए
2013 में रमेश बाबा, विश्वधर्म रक्षक दल, भाकियू आदि दलों ने दिल्ली तक पैदल 13 दिन तक यात्रा निकाली। यात्रा जैसे ही बदरपुर बॉर्डर तक पहुंची सरकार ने आंदोलन को कुचल डाला और सभी यमुना भक्तों को बहलाकर मुस्लिम बस्ती अलीबाग में डेरा डलवाकर पीएसी तैनात कर डरा धमकाकर दिल्ली के जंतर मंतर तक नहीं जाने दिया। इसके बाद तत्कालीन जल संशाधन मंत्री हरीश रावत ने भक्तों को झूठा आश्वासन देकर विदा कर दिया।
विश्वधर्म रक्षकदल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार दोहरी नीति अपना रही है। सरकार 5000 किमी की दूरी से पाइपलाइन के माध्यम से पेट्रोल-डीजल आदि तो लाती है लेकिन यमुनोत्री से इलाहाबाद तक 1365 किमी यमुना किनारे अंडरग्राउंड पाइपलाइन डलवाकर गंदे नालों के प्रदूषित जल को अन्यत्र नहीं ले जाती।