आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार दोपहर मथुरा में तैनात एक हेड कांस्टेबल की पुत्री के अपहरण की सूचना से महकमे में हड़कंप मच गया। आला अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। पीआरवी ने बटेश्वर कट के पास बाइक सवारों को पकड़ लिया। थाने लाकर पूछताछ में पता चला कि गलत फहमी के चलते अपहरण की सूचना दी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने बाइक सवारों को जाने दिया।
मथुरा में तैनात है सिपाही
जनपद इटावा इटावा के थाना चौबिया क्षेत्र के गांव गोपालपुर निवासी सुधीर कुमार थाना राया मथुरा में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। गुरुवार को वह बाइक से पत्नी प्रियंका, पुत्री अनन्या, प्रिंसी व बेटे आदित्य को लेकर तैनाती स्थल मथुरा जा रहे थे। थाना क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे माइलस्टोन 104 के पास सुधीर ने आठ वर्षीय पुत्री अनन्या को रास्ते में साथ चल रहे हरदोई निवासी अनुराग व उज्ज्वल के साथ उनकी बाइक पर बैठा दिया। उज्ज्वल और अनुराग तेज रफ्तार बाइक से काफी आगे निकल गए। जब बाइक सवार काफी दूर तक नजर नहीं आए तो सुधीर को लगा कि वह लोग पुत्री को अगवा कर ले गए हैं। तुरंत ही उन्होंने 112 पर सूचना कर बेटी के अगवा किए जाने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीआरवी की टीम ने बाइक सवारों का पीछा करना शुरू कर दिया।
बाइक सवारों को पुलिस ने रोका
करहल थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार व उपनिरीक्षक विकास भारती पुलिस बल के साथ तलाश में जुट गए। पीआरवी ने बटेश्वर कट के पास से बाइक सवारों को रोक लिया और बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं बाइक सवारों को थाने ले आए। वहां दोनों युवकों ने बताया कि वह काफी आगे निकल आए, जब देखा कि बच्ची के पिता काफी दूर तक नहीं है तो फोन कर उन्हें बच्ची को ले जाने के लिए कहा। वह लोग बटेश्वर कट के पास रुक गए थे। इस बीच एसपी अशोक कुमार राय ने भी थाने पहुंच कर जानकारी जुटाई। बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पभारी निरीक्षक ने बताया कि यह सब गलत फहमी के चलते हुआ था।
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