आगरा के थाना न्यू आगरा में दीवानी के गेट नंबर दो के बाहर जाम लगाकर प्रदर्शन करने के मामले में अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें छह नामजद और 18 अज्ञात आरोपी बनाए हैं। बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, जाम लगाकर एंबुलेंस से जा रहे मरीज की जान को खतरा पैदा करने, धारा 144 के उल्लंघन का आरोप है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हत्याकांड पर जताया था विरोध
दीवानी चौकी प्रभारी अंकुज धामा ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें हेमंत भारद्वाज, संजय कप्तान, अशोक भारद्वाज, वीरेंद्र सिंह, दुर्ग विजय सिंह भैया, पवन गुप्ता, 15-18 अधिवक्ता अज्ञात आरोपी हैं। मुकदमे में कहा कि दीवानी के कुछ अधिवक्ताओं ने 19 अक्तूबर को प्रदर्शन किया। इसमें शाहजहां पुर के अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या करने पर रोष व्यक्त किया। दीवानी के गेट नंबर दो के सामने मार्ग अवरुद्ध कर दिया। एएसपी हरीपर्वत ने जाम में एंबुलेंस फंसने का हवाला दिया। ज्ञापन देने का आगृह किया। इस पर अधिवक्ता उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सरकारी कार्य में बाधा डाली। धारा 144 का उल्लंघन किया। जाम में एंबुलेंस फंसने के कारण मरीज की जान का खतरा पैदा किया गया। काफी समझाने पर जाम को खुलवाया गया।
सभी बार की बैठक आज
मुकदमे के विरोध में जनमंच के अध्यक्ष अजय चौधरी ने दीवानी में बैठक की। पुलिस के कृत्य की निंदा की। कहा कि अधिवक्ता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कार्यक्रम कर रहे थे। बृहस्पतिवार को सभी बार की बैठक बुलाई गई है। इसमें आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यूपी बार कौंसिल के आह्वान पर प्रदर्शन किया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया। यह निंदनीय है।
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