सीओ सदर ने बताया कि विदेशी युवतियों ने असली नाम पते को छुपाया। अपने देश के पहचानपत्र नहीं दिखाए। कूटरचित आधार का प्रयोग किया। उनके पास से दो मोबाइल, दो आधार कार्ड, 33 हजार रुपये बरामद किए गए। मामले में एसआई योगेश कुमार की तहरीर पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और 14 विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों युवतियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
किसने दिए आधार कार्ड
सीओ सदर ने बताया कि युवतियों ने आईडी के रूप में जो आधार कार्ड दिए हैं, उनमें एक लायला खान के नाम पर है। इसमें पता अब्दुल्ला निवासी हरी नगर, आश्रम दक्षिण दिल्ली है, जबकि दूसरा डेनीज के नाम पर है। उसमें पता अब्दुल खलील निवासी किशन नगर, बसंत कुंज, दक्षिण पश्चिम दिल्ली लिखा हुआ है। आधार कार्ड के जो फोटो हैं, वह स्पष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस को आशंका है आधार कार्ड फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपी ने आधार कार्ड मिलने के बारे में जानकारी नहीं दी।
दिल्ली में रहते हैं परिचित
पुलिस को पूछताछ में युवतियां पहले खुद को भारतीय बता रही थीं। इसके लिए आधार कार्ड भी दिखाए। जब उनसे कहा गया कि यह फर्जी हैं तब उन्होंने सच्चाई बताई। मोबाइल में पासपोर्ट दिखाया। तब पता चला कि दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं। उनके परिचित दिल्ली में रहते हैं। वह शनिवार को ही दिल्ली से आगरा ताजमहल देखने आने की बात कर रही हैं। वो यह नहीं बता सकी हैं कि भारत कब आई थीं, उनके परिचित कौन लोग हैं, एक युवती ने दिल्ली के युवक से शादी भी रचा रखी है। उसके पति को गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई है, लेकिन, वह थाने नहीं पहुंचा।