चार हजार यूनिट पर एक दुकान का होगा निर्माण
मॉडल शॉप में एक राशन की दुकान पर चार हजार यूनिट को संबद्ध किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक भवनों के पास इन दुकानों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी है। जोकि सरकारी जमीनों पर बनेंगी।
डीलर बदलने पर नहीं बदलेगा स्थान
राशन की दुकानों के मॉडल शॉप के रूप में विकसित होने के बाद डीलरों के बदलने के बाद भी स्थान का परिवर्तन नहीं होगा। जिससे कार्ड धारकों को भी राहत मिलेगी। उनको राशन लेने के लिए इधर उधर की भाग दौड़ से निजात मिल जाएगी।
अभी तक सरकारी राशन की दुकानें राशन डीलर के घर या उनकी निजी दुकानों में संचालित होती थीं। कई बार राशन डीलर बदल जाता है तो दुकान की जगह भी बदल जाती है। इसके अलावा कार्ड धारकों को राशन डीलर के घर के चक्कर अलग काटने पड़ते हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिला में मॉडल शॉप बनाने के लिए जमीन की तलाश की प्रकिया को शुरू कर दिया गया है। जमीन मिलने के बाद राशन की दुकानों को मॉडल शॉप में बदला जाएगा।