फर्जी वेबसाइट से मोबाइल पर आता था मैसेज
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने एक वेबसाइट बना रखी थी। इस वेबसाइट से एक रसीद निकालते थे। इसके साथ ही वाहन चालक के मोबाइल पर एक मैसेज भी पहुंचता था, जिस कारण से लोग इसे असली समझ लेते थे।
वह हर प्रकार के वाहनों का रोड टैक्स जमा करने की बात करते थे। इसके लिए अपनी फीस लेते थे। कोसी निवासी बलवीर गिरोह का सरगना है। वह सुपर एडमिन भी था। उसने अलग-अलग प्रदेश के टैक्स के लिए अलग-अलग साथी को एडमिन बनाया था।
दिन में कटने वाली रसीद का विवरण बलवीर के पास आ जाता था। वह काफी समय से यह काम करने में लगा था। पुलिस इस वजह से चेकिंग नहीं करती है कि आरोपी अपने बूथ के बोर्ड पर ऑनलाइन आरटीओ टैक्स लिखते थे।
इससे लगता था कि निजी लोगों को टैक्स जमा करने के लिए ठेका दिया है। आरोपी सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा रहे थे। कोसी निवासी प्रकाश, महेंद्र और पलवल निवासी संदीप और धीरज फरार हैं। वहीं सरगना बलवीर भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
मथुरा के कोसी स्थित हुलवाना निवासी राजेंद्र उर्फ राजू, कोटवन निवासी प्रेम सिंह, मोनू और हरियाणा के पलवल निवासी हर्ष मित्तल को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल, वेबसाइट, 10840 रुपये बरामद किए गए हैं।
सैंया में पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
सैंया बार्डर पर भी इसी तरह से वाहन चालकों से ठगी की जा रही थी। ऑनलाइन टैक्स की आड़ में गिरोह वसूली कर रहा था। विजीलेंस और पुलिस ने छापा मारा था। दस से अधिक लोगों को पकड़ा था।