एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि एक महीने की पड़ताल के बाद यह बात सामने आई कि हरीशंकर का मोंटू से झगड़ा हुआ था। सवाल यह उठा कि हरीशंकर ने बार बार पूछे जाने पर भी इस झगड़े और मोंटी का जिक्र क्यों नहीं किया? पुलिस ने मोंटी के घर दबिश दी तो वह घर से फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी होते ही केस खुल गया। वारदात में इस्तेमाल अवैध पिस्टल बरमाद कर ली गई है।
तीन लाख के लेन-देन का था विवाद
मोंटी ने एक साल पहले हरीशंकर से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। उसी समय एक चेक जमानत के तौर पर दिया था। रकम नहीं लौटाने पर हरीशंकर ने चेक अपने खाते में लगा दिया। यह बाउंस हो गया। इस पर उन्होंने मोंटू को कई बार धमकी दी कि उसके प्रोफेसर भाई की पहुंच ऊपर तक है। कहीं भी छिप जाना पुलिस उठा लाएगी। धमकी मोंटू को चुभ गई। उसने ठान लिया कि प्रोफेसर की हत्या करनी है और हरीशंकर की रकम वापस नहीं करनी है।
हमला करने दोनों साथ आए
मोंटू ने सुरेश को 30 हजार रुपये में प्रोफेसर की हत्या का ठेका दे दिया। मोंटू पेशेवर अपराधी है। उस पर कई केस दज हैं। तीन लोगों को पहले भी गोली मार चुका है। 28 जून की मोंटू और सुरेश बाइक पर गए। सुरेश ने गोलियां मारीं।
पांच दिन सुबह की सैर पर साथ चले हमलावर
डॉक्टर भारती प्रतिदिन सुबह टहलने निकलते थे। रेकी के लिए मोंटू और सुरेश पांच दिन तक उनके आसपास ही घूमे। वे ऐसे नाटक करते थे जैसे सुबह की सैर पर निकले हों जबकि जाते थे रेकी के लिए।
प्रेमिका के घर पर रहा एक महीने
पुलिस ने बताया कि सुरेश की प्रेमिका दिल्ली की है। घटना के बाद वह मोंटू को लेकर दिल्ली चला गया था। दोनों प्रेमिका के घर रहे। घटना से पहले सुरेश ने खंदौली में एक परिचित से 45 हजार रुपये उधार लिए थे। घटना के लिए सुरेश दिल्ली से बाइक चोरी करके लाया था। वह बाइक उसकी प्रेमिका के घर पर ही खड़ी है। पुलिस टीम उसे बरामद करने जाएगी।