ब्रज में जाट समुदाय को साधने के लिए भाजपा में सियासी कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी साल में बड़ा दांव खेला है। जाट राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय की नींव रखी। साथ ही अब सूबे में योगी सरकार जाट समुदाय को अपने पक्ष में खड़ा करने में जुट गई है। आगरा, मथुरा, हाथरस से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता अलीगढ़ पहुंचे थे।
आगरा की फतेहपुर सीकरी लोकसभा जाट समाज का सबसे बड़ा गढ़ है। करीब 2.50 लाख से अधिक जाट मतदाता हैं। जो चुनाव में पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। भाजपा के रणनीतिकारों को महसूस हो रहा था कि किसान आंदोलन से जाट लैंड में नुकसान हो सकता है। जिसकी भरपाई के लिए भाजपा ने अलीगढ़ में नया दांव खेला है। आगरा, मथुरा, सादाबाद सहित ब्रज की जाट लैंड में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नई जाटों को साधने की रणनीति बनाई है।
फतेहपुर सीकरी से 100 से अधिक बसें गईं
उधर, जाट समाज में रालोद की सक्रियता बढ़ने से भी भगवा खेमा उसका तोड़ निकालना चाहता था। अलीगढ़ में मौका भी था और दस्तूर भी। फतेहपुर सीकरी से 100 से अधिक बसें अलीगढ़ में पीएम की सभा में शामिल होने गई थी। चुनावी साल में भाजपा तैयारियों में कोई कसर नहीं रहने देना चाहती। योगी सरकार के लिए छह महीने बाद चुनावी परीक्षा है। मुजफ्फरनगर, बागपत व अलीगढ़ के आसपास जाट क्षेत्रों में भाजपा राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर संदेश देना चाहती है।
2015 से उठ रही थी मांग
राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय बनाने की मांग सबसे पहले 2015 में उठी थी। 2018 में योगी सरकार ने सहमति जताई। जिसके बाद विधान सभा चुनाव से पांच महीने पहले जाटों को साधने के लिए सियासी बिसात पर गोटियां फिट गई। अलीगढ़ से ब्रज के 12 जिलों में संदेश जाएगा।