कुबेरपुर खत्ताघर का निरीक्षण करते डीएम मनीष बंसल
आगरा। कचरे से बिजली बनाने का प्लांट इस साल दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। अगले साल अप्रैल तक ट्रायल के बाद बिजली बननी शुरू हो जाएगी। 24.7 मेगावाट बिजली इस प्लांट में बनाई जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 35 मेगावाट किया जा सकेगा। नगर निगम अधिकारियों ने यह जानकारी डीएम मनीष बंसल को कुबेरपुर स्थित वेस्ट मैनेजमेंट साइट के निरीक्षण में दी। डीएम ने नगर आयुक्त समेत अधिकारियों के साथ कुबेरपुर साइट पर बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया।
नगर निगम अधिकारियों ने डीएम को बताया कि कुबेरपुर साइट 72 एकड़ में है। यहां 2024 तक 20 लाख टन कूड़े के पहाड़ थे, जिनका निस्तारण किया गया है। हर दिन 1200 मीट्रिक टन कचरा यहां आ रहा है। सूखा, गीला, पॉलिथीन का कचरा अलग कर उत्पाद निर्माण किए जा रहे हैं। कंपोस्ट खाद के लिए कृभको से करार किया गया है। वेस्ट टू प्लांट दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। तीन महीने तक ट्रायल के बाद अप्रैल से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान नगर आयुक्त संतोष वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, डीएफओ राजेश कुमार मौजूद रहे।
नगर पंचायत दयालबाग से कचरा लेगा निगम
छावनी परिषद, नेशनल हाईवे अथॉरिटी के बाद नगर पंचायत दयालबाग भी अपना कचरा नगर निगम को भेजेगा। यह करार हो गया है। नगर पंचायत दयालबाग में हर माह करीब 20 टन कचरा निकल रहा है, जो वह नगर निगम के मॉडल ट्रांसफर स्टेशन को भेजेगा। नगर निगम छावनी परिषद और दयालबाग नगर पंचायत से 1250 रुपये प्रति टन कचरा उठाने और प्रोसेसिंग के वसूल रहा है। बीते साल में छावनी परिषद और एनएचएआई से करीब 12 लाख रुपये का भुगतान नगर निगम को मिला है।