फोटो 4भोजपुर में रहस्यमयी बीमारी से चंद महीनों में डेढ़ दर्जन भैंसों की मौत, पशुपालकों में हड़
खेरागढ़। विकास खंड के गांव भोजपुर बकालपुर में भैंसों के बीच फैली एक रहस्यमयी बीमारी ने पशुपालकों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ महीनों के दौरान गांव में डेढ़ दर्जन से अधिक भैंसों की जान जा चुकी है। बीमारी का शिकार बनने वाली अधिकांश भैंसें पांच से छह माह की गर्भवती थीं। लगातार भैंसों के मरने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। कई पशुपालक नुकसान के डर से अपनी भैंसें औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर हैं।
पीड़ित पशुपालक सोमेंद्र यादव, सोनपाल आदि ने बताया कि पहली भैंस अक्तूबर में मरी थी। तभी से भैंसों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। रहस्मयी बीमारी से स्वस्थ भैंस अचानक गिर पड़ती हैं और कुछ ही मिनट में दम तोड़ दे रही हैं। पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज का भी मौका नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों का आरोप है कि हर मवेशी के मरने की सूचना पशु चिकित्सा विभाग खेरागढ़ को दी गई, लेकिन विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई। लगातार शिकायतों के बावजूद चिकित्सक बीमारी की पहचान या प्रभावी उपचार के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके। बीते रविवार को एक और गर्भवती भैंस के मरने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने एसडीएम खेरागढ़, पशु चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारियों और पुलिस को मामले से अवगत कराया, जिसके बाद देर शाम पशु चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची और मृत भैंस का पोस्टमार्टम किया। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद भी ग्रामीणों को बीमारी के कारण, बचाव या उपचार संबंधी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पशुपालकों ने प्रशासन से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमारी की जांच कराने, दवाओं की व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिलीप पांडेय ने बताया कि गर्भवती भैंसों में हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा होती है। हाल में मरी भैंस का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसका विसरा लैब में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जिला अधिकारी आगरा और विभागीय अधिकारियों को अवगत करा कर वेटेनरी कॉलेज की टीम को गांव में भेजने का प्रयास किया जाएगा। एसडीएम ऋषि राव ने बताया कि सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंच मृत भैंस का पीएम किया गया है। गांव में नियमित पशुओं के टीकाकरण आदि के निर्देश दिए हैं।