अब तीर्थस्थली के रूप में विकसित होने जा रही ब्रज भूमि के विकास का खाका हरिद्वार के पैटर्न पर तैयार होगा। योगी सरकार ने इसके लिए स्थानीय निकाय हरिद्वार द्वारा तीर्थस्थली के रूप में बनाई गई विधि और उपविधियों को विकल्प के रूप में भेजा है।
इस पर अमल करते हुए बरसाना नगर पंचायत बोर्ड ने इसका प्रस्ताव भी स्वीकृत कर लिया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि को तीर्थस्थली घोषित किया है।
इसमें सबसे पहले वृंदावन और बरसाना को सरकारी तौर पर तीर्थस्थली घोषित किया। इसके बाद पिछले दिनों होली महोत्सव में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज भूमि क्षेत्र में नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुंड, गोकुल और बलदेव को भी तीर्थ स्थल घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने उक्त तीर्थस्थलों के लिए दिशा निर्देश मांगे थे। इस पर शासन ने प्रथम चरण में तीर्थ स्थल बरसाना और वृंदावन के लिए निर्देश जारी किए हैं।
इसमें कहा है कि उक्त दोनों निकाय तीर्थ स्थली की नियमावली हरिद्वार के पैटर्न पर तैयार करें। इसके लिए शासन ने हरिद्वार की विधियां और उपविधियों को भी भेजा है।
इस पर अमल करते हुए बरसाना नगर पंचायत बोर्ड ने तीर्थ स्थल के रूप में नई उपविधियां बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अधिशासी अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि जल्द ही नई नियामवली जारी कर दी जाएगी।
इसमें बरसाना क्षेत्र में मांस, अंडा और मदिरा को पूर्णतय प्रतिबंधित किया गया है। इनका उपयोग यहां होटल, रेस्टोरेंट में भी नहीं हो सकेगा। अब इसके बाद जनपद के अन्य तीर्थ स्थलों में भी यह व्यवस्था इसी पैटर्न पर प्रभावी होनी है।
नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुंड, गोकुल और बलदेव क्षेत्र में शराब की दुकानों को लेकर शासन से राय मांगी गई है। तीर्थस्थल संबंधी शासनादेश आने से पहले उक्त स्थलों के लिए शराब की दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।