कासगंज में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी की ओर से लगातार आरोप पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। हिंसा में आमने सामने फायरिंग, पथराव, आगजनी, तोड़फोड़ करने एवं पुलिस पर हमला करने के आरोप में आरोप पत्र दाखिल करने की कार्रवाई एसआईटी कर रही है।
विज्ञापन
कोतवाली के तत्कालीन निरीक्षक रिपुदमन सिंह ने बलवा, जानलेवा हमला, आगजनी, तोड़फोड, मारपीट के मामले में 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट की घटनाओं में अभियोग पंजीकृत कराया था।
इस अभियोग में 4 आरोपियों को नामजद किया गया जब कि शेष अज्ञात दर्शाए गए। एसआईटी की इस मामले की विवेचना कोतवाली के तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहर सिंह को सौंपी थी।
विज्ञापन
तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मोहर सिंह ने इस पूरे मामले में विवेचना की। मौके पर हुई फायरिंग, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं की वीडियो, सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र तय किया है।
इस मामले में दोनों ही पक्षों के अलग अलग लोग शामिल हैं। 34 लोगों को जानलेवा हमला, आगजनी और बलवा की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि दो आरोपी अनुकल्प चौहान एवं सौरभ पाल पर हमला और आगजनी का आरोप नहीं है।
अन्य आरोपियों में नसरुद्दीन, अकरम, तौफिक, अक्षय खन्ना, जफर, शाकिर पुत्र सद्दीक, खालिद, फैजान, इमरान, अजरूद्दीन, सलीम, नसीम, राहत, सलमान, बबलू, मोहसिन, नीशू, विशाल ठाकुर, संजय, रोहित, विष्णु, भरत, शिवम, करन, नासिर, चमन, फैजान, आरिफ, आशिफ, वासिफ, खिल्लन, सिद्धार्थ के नाम शामिल हैं।
कासगंज हिंसा के मामले में अब तक 54 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके दोनों आरोप पत्र में भी नाम हैं।
एसआईटी के इंचार्ज अपर पुलिस अधीक्षक एटा ओपी सिंह ने बताया कि आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विवेचक को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए भेजा गया है।