आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन पीएचडी में प्रवेश के लिए अभी तक सीटों की संख्या तय नहीं कर पाया है। दिसंबर में प्रवेश परीक्षा कराई जानी थी। अभी तक प्रवेश परीक्षा का फॉर्म तक नहीं भरवाया जा रहा है। इससे सत्र में विलंब हो रहा है। पिछले बैच ने सत्र 2018-19 में प्रवेश लिया था। पीएचडी का सत्र नियमित भी नहीं हो पा रहा है।
शोध निर्देशक बनने के लिए शिक्षकों से आवेदन नवंबर में ही ले लिए गए थे। करीब 45 विषयों के लिए कुल 420 शिक्षकों ने आवेदन किए। इसमें 252 शिक्षक ऐसे हैं, जो पहले से शोध निर्देशक बनते रहे हैं। वहीं, 168 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने पहली बार शोध निर्देशक बनने के लिए आवेदन किया है। इनके आवेदनों को डीन रिसर्च की अध्यक्षता में बनी कमेटी मानकों पर परखेगी। इसके बाद शोध निर्देशक बनने की अनुमति देगी। जिनको अनुमति दी जाएगी, उनकी सीटों का ब्योरा प्राप्त किए जाने के बाद ही प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के संयोजक प्रो. लवकुश मिश्रा का कहना है कि दिसंबर में प्रवेश परीक्षा कराई जानी थी, पर दीक्षांत समारोह की वजह से देरी हुई है। स्टाफ दीक्षांत समारोह की तैयारियों में लग गया था। 25 से शीतकालीन अवकाश होने जा रहा है। इस दौरान भी प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित काम होंगे। प्रयास है कि जनवरी के पहले सप्ताह तक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन मांग लिए जाएं। सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी अंत तक प्रवेश परीक्षा करा ली जाएगी।