आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 86वें दीक्षांत समारोह में पीएचडी और एमफिल के छात्रों को डिग्री लेने के लिए नहीं बुलाया जाएगा। इन छात्रों को कार्यक्रम का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वह ऑनलाइन दीक्षांत समारोह से जुड़े सकेंगे। दीक्षांत समारोह 19 दिसंबर को प्रस्तावित है।
दीक्षांत समारोह के खर्च में इस बार कटौती की जा रही है। टेंट आदि का खर्च बचाने के लिए खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में समारोह कराया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय का कहना है कि दीक्षांत समारोह में मंच से महज पदक ही दिए जाते हैं। बहुत हुआ तो डीएससी व डीलिट की डिग्री पाने वालों को बुला लिया जाता है। पीएचडी व एमफिल के छात्रों को मंच पर नहीं बुलाया जाता है। वैसे भी दीक्षांत समारोह में करीब 1.5 लाख छात्रों को डिग्री दिए जाने की घोषणा की जाती है। सभी को नहीं बुलाया जा सकता है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया जाएगा। इसकी जानकारी कॉलेजों के माध्यम से छात्रों को दे दी जाएगी। वह कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।
इस बार दीक्षांत समारोह में 10 से अधिक अतिथि नहीं बुलाए जाने हैं। पदक धारकों के साथ उनके एक-एक अभिभावक आ सकते हैं। जेपी सभागार में 350 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। सभी आमंत्रित छात्र, अभिभावक व अतिथि आराम से आ जाएंगे। कार्य परिषद के सदस्य मंच पर ही रहेंगे। विद्या परिषद के सदस्यों को भी बुलाया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए स्कूल के विद्यार्थी और टीबी मरीज भी शामिल होंगे।
एक नजर आंकड़ों पर
पदक धारक - 67
एमफिल - 89
पीएचडी - 42
डीलिट - 08
डीएससी - 00