रिजाबाद ! बाजरा की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव करता किसान
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फिरोजाबाद। जिले में रिकॉर्डतोड़ बारिश ने बाजरा उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी। बाजरा की फसल में बाल निकलने से पूर्व कीट (सूड़ी) लगना शुरू हो गया है। यह कीट फसल को बर्बाद कर रहा है। ऐसे में किसान दवाई का छिड़काव कर रहा है अन्यथा फसल का उत्पादन प्रभावित होगा।
अगस्त एवं सितंबर माह में बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। बारिश के कारण जिले के किसान को बाजरा की फसल की बुवाई का मौका नहीं मिल सका। वहीं बाजरा की फसल की बुवाई करने वाले किसानों की बाजरा की फसल में बाल निकलने से पूर्व ही कीट (सूड़ी) लग गया , जो फसल को बर्बाद कर रहा है। बाजरा की कोथ में कीट लगने से बाल का निकलना मुश्किल होगा। इसके कारण बाजरा की फसल की पत्ती कीट खत्म कर देगा। इससे उत्पादन शून्य हो जाएगा। उसको चारे के रूप में प्रयोग भी नहीं कर सकेंगे। इससे जिले के काफी संख्या में किसान परेशान हैं।
- जिले में बारिश के कारण बाजरा की फसल में थ्रिप्स (सूड़ी) नामक कीट लग गया है। पिछले वर्ष की तुलना इस बार 25 हजार हेक्टेयर में करीब बाजरा की फसल की बुवाई हो सकी है। किसान चार सौ मिलीलीटर मैलाथिन 50 ईसी को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव कर कीट को खत्म कर सकते हैं।
रविकांत सिंह जिला कृषि अधिकारी फिरोजाबाद।
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- बाजरा की फसल में सूड़ी लगने के कारण बर्बाद होना शुरू हो गई है। इस कारण हम लोग दवा का छिड़काव करने को मजबूर हैं। बारिश के कारण कम बाजरा की बुवाई हुई थी।
श्याम सिंह नगला बहादुर
-बाजरा की फसल की सही पैदावार होने ने अनाज के साथ-साथ पशुओं के चारे का संकट खत्म होता है। हालांकि इस बार बारिश के कारण पहले से कम बाजरा की बुवाई कर सके है और अब कीट लगने से फसल बर्बाद हो रही है।
सुरेशचंद्र नगला बहादुर