आगरा। कोठी मीना बाजार में चल रहे आगरा महोत्सव मिडनाइट बाजार में लोकल फॉर वोकल ताजनगरी के लोगों की पसंद बना हुआ है। इसमें दिव्यांगों द्वारा बनाई गई हर्बल चाय की खुशबू लोगों को लुभा रही है। मोटापा कम करने के लिए लोग हर्बल टी खरीद रहे हैं। बाजार में त्योहारी सीजन से लेकर रोजमर्रा के उत्पादों की खरीदारी लोग कर रहे हैं।
मंगलवार को भी बाजार में काफी भीड़ रही। ड्राइंग रूम में बिछने वाला भदोही का कालीन से लेकर कोलकाता के मिट्टी से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति को लोग दिवाली के लिए खरीद रहे हैं। इसके साथ ही बंधनवार लोगों को काफी आकर्षित कर रही है।
रावी इवेंट्स के प्रबंध निदेशक मनीष अग्रवाल ने बताया कि हमारा मकसद लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देना है। यही कारण है कि मेले में हस्तशिल्प से लेकर स्वनिर्मित उत्पादों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। मेले के समन्वयक अमित सूरी ने बताया कि आधुनिक झाड़ू पोंछा और पेट कम करने की मशीन लोग काफी खरीद रहे हैं। इस दौरान अनुज परमार, मुनेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, सूरज कुमार, विनय सिन्हा, कुलदीप भदौरिया, अश्वमी वर्मा, विमल कुमार आदि मौजूद रहे।
---------
आगरा महोत्सव के डॉ. अमी आधार निडर पवेलियन में मंगलवार को भी साहित्यिक परिचर्चा का दौर चला। परिचर्चा के दौरान आराधना संस्था के अध्यक्ष और कवि पवन आगरी ने कहा कि समसामयिक मुद्दों और संवेदना के धरातल पर की गई साहित्य सृजन ही कलमकार को कालजयी बनाता है। संस्था की महासचिव डॉ. हृदेश चौधरी ने परिचर्चा में अपनी पुस्तक महापलायन और बोलती सरहदें पर कहा कि मौजूदा हालातों पर जो कलम खामोश रहती है, उसे माफ नहीं किया जा सकता। समालोचक डॉ. अनिल उपाध्याय, साहित्यकार श्रुति सिन्हा और नाट्य निर्देशिका अलका सिंह ने भी अपने विचार रखे। प्रदर्शनी के समन्वयक आदर्श नंदन गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।