आगरा नगर निगम की सीमा विस्तार में शामिल कई वार्ड बरसों बाद भी जलभराव, टूटी सड़कें, गंदगी से जूझ रहे हैं। समस्याएं दूर न होने की वजह से कई जगह लोगों ने चुनाव बहिष्कार का पोस्टर लगा दिया है।
जलभराव की स्थायी है समस्या
नगर निगम की सीमाओं का विस्तार तेजी से हुआ लेकिन नगर निगम प्रशासन ने यहां विकास नहीं कराया। करीब 3000 की आबादी वाला पुरा गोवर्धन टेढ़ी बगिया वार्ड 32 में 15 साल पहले शामिल किया गया था। यहां जलभराव की स्थायी समस्या है। राम सिंह का कहना है कि गलियों की सड़कें बनी हैं न खड़ंजे हैं। हर बार केवल चुनावी वादे होते हैं। तालाब की सफाई तक नहीं करवाई जाती है। बरसात में जलभराव आम है। लाखन सिंह ने बताया कि पूरे गांव ने इस बार चुनाव में वोट नहीं डालने का निश्चय किया है। इस बारे में गांव के बाहर बैनर भी लगाया गया है, ताकि प्रत्याशी यहां वोट मांगने नहीं आएं।
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सड़कों में कई फुट गहरे गड्ढे
दूसरी ओर नगर निगम के वार्ड 23 में आने वाले मारुति सिटी रोड के निवासियों का कहना है कि यहां की सड़कों में कई फुट गहरे गड्ढे हैं। अन्य समस्याओं का समाधान भी नहीं हुआ है। यहां के निवासियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास के बाहर भी चुनाव बहिष्कार के बैनर लगाए हैं। विनोद कुमार का कहना है कि इस इलाके में सड़क, पानी की समस्याएं हैं। बरसात में जलभराव होता है। चुनाव में वादा करने से काम नहीं चलेगा, ठोस बात होनी चाहिए।
नगला किशनलाल के लोगों ने पीने के पानी की समस्या के कारण चुनाव में भाग नहीं लेने की बात कही है। यहां के सोबरन सिंह, अरविंद सिंह, राहुल, दिनेश, रमेशचंद्र, मुन्नी देवी, विमलेश आदि का कहना है कि यहां 20 साल पहले पानी की पाइपलाइन बिछाई गई थी। एक दो माह जलापूर्ति हो सकी। इसके बाद पानी की सप्लाई बंद हो गई। पीने के पानी की समस्या का समाधान 20 साल बाद भी नहीं हो सका है। ऐसे में मतदान करने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।