आगरा। सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए सूरसदन में सोमवार को एक शाम सिंधियत के नाम सिंधी महोत्सव का आयोजन किया गया। साहित्यकार राम चंद छाबड़िया ने कहा कि सिंधी भाषा को बढ़ाने के लिए समाज के बच्चों को सिंधी भाषा में कहानियां सुनानी होंगी। बच्चों को सोते समय कहानियां सुनने की आदत डालनी की जिम्मेदारी माता-पिता को लेनी होगी।
महोत्सव में सिंधी साहित्यकार रामचंद छाबड़िया की लिखित पुस्तक सिंधी पहिरियां किताबु और स्व. घनश्याम दास जेसवानी की लिखित पुस्तक विरिहाडे, यादगीरियूं का विमोचन हुआ। उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी ने कहा कि सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन प्रदेशभर में होते रहेंगे।
इससे पहले उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी और भारतीय सिंधु सभा की ओर से आयोजित महोत्सव का शुभारंभ संत बाबा शंकर नाथ, उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी, भारतीय सिंधू सभा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश जोटवानी, विजय पुरसवानी, सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष जीवतराम करीरा ने किया। महोत्सव का संचालन हेमंत भोजवानी ने किया। इस दौरान जय प्रकाश धर्माणी, किरन वरयानी, महेंद्र वर्मा. जूली तेजवानी, राकेश करीरा, नरेश लखवानी, सुंदरलाल चेतवानी, प्रदीप वनवारी, संजय नोतनानी, मनोज नोतनानी, लक्ष्मणदास भावनानी, दौलतराम साधवानी, प्रकाश दरयानी आदि मौजूद रहे।