कर्मचारियों को सुरक्षित नदी से निकालने के बाद रस्सों की सहायता से पांटून पुल को दोबारा घाट पर लाया गया। इस दौरान कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बता दें कि पूर्व में भी चंबल नदी में आई बाढ़ के चलते पांटून पुल बह गया था। जबकि पुल के रखरखाव के लिए लाखों रुपए का ठेका होता है। इसके बावजूद इसकी देखरेख में लापरवाही बरती जाती है।
राजस्थान, मध्यप्रदेश में हुई बारिश से एक बार फिर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को चंबल नदी 117.50 मीटर जलस्तर पर बह रही थी। रात को फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ रविवार सुबह 10 बजे तक 120.40 पहुंच गया है।