कासगंज। पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम सूची तैयार करते समय बड़े पैमाने पर गड़बड़ झाला किया गया। लगातार अनारक्षित चली आ रही सीटें भी आरक्षण की श्रेणी में नहीं आ सकी। अब 2015 के चक्रानुक्रम से आरक्षण होने पर तमाम सीटों का आरक्षण बदल जाएगा। इससे जिले में 80 प्रतिशत तक सीटों के प्रभावित होने की संभावना है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पांच पदों के लिए जारी अनंतिम सूची को तैयार करते समय शासन ने नियमों को ताक पर रख दिया। शासन ने पहले 1995 को आधार मानकर आरक्षण किया। इसके आधार पर आरक्षण की अनंतिम सूची जारी कर दी गई।
ऐसे में जारी की गई अनंतिम सूची में कई चुनावों में अनारक्षित चली आ रही कई सीटें फिर से अनारक्षित रह गई। इसके अलावा अन्य अनियमिताएं भी सामने आई। इसके चलते जिले में रिकार्ड तोड़ आपत्तियां दर्ज की गई। हालांकि अब कोर्ट ने 2015 के चक्रानुक्रम में आरक्षण का निर्धारण करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद जिले में आरक्षण की तस्वीर बदल जाएगी।
चक्रानुक्रम में इस तरह रहेगा आरक्षण का आधार
वर्ष 2015 के चक्रानुक्रम के हिसाब से जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख की इकाई जिला होगा। चहरं क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान के आरक्षण की इकाई को ब्लॉक माना जाएगा।
आरक्षण का क्रम एसटी महिला, एसटी, एससी महिला, एससी, ओबीसी महिला, ओबीसी, सामान्य महिला एवं अनारक्षित रहेगा। जिले में एसटी आबादी नहीं है। ऐसे में सबसे पहले एससी वर्ग के लिए आरक्षण की वरीयता होगी। इससे पहले जो पंचायत एससी में आरक्षित है, उसे अलग कर आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। सर्वधिक एससी आबादी वाले पंचायत क्षेत्र को क्रम से निश्चित संख्या में लेकर आरक्षण होगा। यही प्रक्रिया ओबीसी के लिए अपनाई जाएगी।
अभी तक नहीं आई है गाइड लाइन
पंचायत चुुनाव के लिए आरक्षण नए सिरे से करने के लिए कोर्ट ने तीन दिन पहले आदेश जारी किए हैं। हालांकि शासन ने गाइडलाइन जारी नहीं की है। आरक्षण की प्रक्रिया 27 मार्च तक पूरी की जानी है।
फैक्ट फाइल
जिला पंचायत सदस्य 423
क्षेत्र पंचायत सदस्य 579
ब्लॉक प्रमुुख 7
ग्राम प्रधान 423
ग्राम पंचायत सदस्य 5421
पंचायत चुनाव के लिए नए सिरे से आरक्षण के लिए शासन की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। गाइडलाइन आते ही आरक्षण प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। नए आरक्षण से 80 प्रतिशत तक सीटें प्रभावित होंगी।
- देवेंद्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी