इधर हेल्पर और सिलिंडर की गाड़ी पकड़े जाने के बाद आरएलडी हॉस्पिटल संचालक मुकेश शर्मा कहना था कि हेल्पर ने भूलवश कबीर देव का नाम लिया था। उस अस्पताल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने डीएम से गुहार लगाई कि उनके यहां दो गंभीर मरीज भर्ती हैं जिनके लिए सिलिंडर लेने आगरा आए थे। इटावा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही। डीएम प्रभु एन सिंह ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच एसपी सिटी से कराने की बात कही है।
डीएम ने खंगाला वितरण रिकार्ड
ऑक्सीजन सिलिंडर की धांधली मामले में जांच के लिए शनिवार सुबह 7 बजे डीएम प्रभु एन सिंह सिकंदरा स्थित एडवांस गैस प्लांट पर पहुंचे। यहां पिछले 15 दिनों में सप्लाई हुए सिलिंडर का रिकार्ड खंगाला। डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा कि कुछ वेंडर भी गड़बड़ी में शामिल हैं। जल्द जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी।
10-10 हजार में बिके ऑक्सीजन सिलिंडर
ऑक्सीजन संकट में अस्पताल, वेंडर और दलालों के कॉकस ने गैर जिलों में दस-दस हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी की गई। डीएम ने कहा कि सिलिंडर की कालाबाजारी की जांच पुलिस को सौंपी गई है।
वेंडर ने लिए या हॉस्पिटल ने, अलग-अलग दर्ज होगा ब्योरा
सिकंदरा व टेढ़ी बगिया प्लांट पर प्रशासन ने शनिवार से सिलिंडर वितरण के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। व्यक्तिगत, वेंडर और हॉस्पिटल के लिए सिलिंडर आपूर्ति का अलग-अलग ब्योरा दर्ज हो रहा है।
शनिवार को दोनों प्लांट पर सिलिंडर के लिए तीमारदारों की लाइन लगी रही। एक तीमारदार ने बताया कि अस्पताल ने भेजा है। मेरी मां भर्ती हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है, मुझसे कहा है कि इलाज कराना है तो ऑक्सीजन लेकर आओ। दोनों प्लांट पर सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए तीमारदारों को छह-छह घंटे इंतजार करना पड़ रहा है।