मैनपुरी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अमित सिंह ने एसपी को पत्र लिखकर सीओ सिटी, कोतवाली प्रभारी सहित विवेचक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने केे निर्देश दिए हैं। सीजेएम ने उनको दुष्कर्म के प्रयास के मामले में बिना समीक्षा किए फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में जमा करने का दोषी पाया है। तीनों के खिलाफ की गई कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराने को भी कहा है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी अनुसूचित जाति की युवती ने धारऊ बाईपास रोड निवासी हरीशरण के खिलाफ दुष्कर्म का प्रयास करने की तहरीर थाने में दी थी। पुलिस ने छेड़छाड़ की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली। युवती ने कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए थे। विवेचक अनिल खोखर ने जांच करके मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसे कोर्ट में जमा भी कर दिया। जानकारी होने पर युवती ने अधिवक्ता दीपक दीक्षित ‘चंचल’ के माध्यम से कोर्ट में अपना पक्ष रखा।
सीजेएम अमित सिंह ने पीड़िता का पक्ष सुना। अभिलेखों का निरीक्षण करने के बाद विवेचक, कोतवाली प्रभारी और सीओ सिटी को बिना समीक्षा किए फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में जमा करने का दोषी पाया। सीजेएम ने एसपी को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। दिए निर्देश में कहा है कि तीनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें। कार्रवाई से कोर्ट को अवगत भी कराएं।
आदेश का अनुपालन नहीं
इस संबंध में जिला जज के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। उन्होंने आदेश जारी किए थे कि किसी भी मामले में फाइनल रिपोर्ट अथवा चार्जशीट बिना समीक्षा किए कोर्ट में किसी हालत में जमा नहीं की जानी चाहिए। इस संबंध में न्यायिक अधिकारियों, एसपी, संयुक्त निदेशक अभियोजन को जिला जज की ओर से पत्र भेजा गया था। सीजेएम ने निर्देश में लिखा है कि एसपी यह भी सुनिश्चित करें कि आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हुआ।