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धुंध से नली में सूजन, खांस-खांस कर बुरा हाल

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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाएं। अमर उजाला
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आगरा। सर्दी के साथ धुंध ने दमा और सांस रोगियों के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। सांस नलिकाओं में सूजन के कारण फेफड़ों का खांस-खांस कर दम निकल रहा है। हालत खराब होने पर मरीज डॉक्टरों को दिखाने आ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या पिछले 20 दिनों में दोगुने से अधिक हो गई है।
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एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बीते महीने ओपीडी में 80-90 मरीज आ रहे थे। अब बीते सात दिनों से ओपीडी में औसतन 160 मरीज आ रहे हैं। इनमें 40 से 50 मरीज नए हैं बाकी के 110-120 पुराने मरीज हैं। इन मरीजों ने खांसी के साथ बलगम, लगातार खांसी आना, सीने में घर्र-घर्र की आवाज, छाती में भारीपन महसूस करना, सांस फूलने की परेशानी बताई। जांच करने पर सांस नलिकाओं में सूजन मिली, जिससे हृदय और फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इसकी बड़ी वजह धुंध और सर्दी है। कोहरे-धुंध में वाहनों का धुआं, अलाव का धुआं मिलने से यह और खतरनाक हो रही है। कई मरीजों में धूम्रपान के चलते भी परेशान बढ़ी मिली।
मरीजों को दवाओं का बढ़ाकर दे रहे डोज
वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों में फेफड़ों में धुआं भी मिल रहा है। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे उपले, टायर या फिर लकड़ी जलाकर अलाव सेंकते हैं। अधिकांश की उम्र 50 साल से अधिक है। इनकी हालत खराब होने पर रोजाना तीन से पांच मरीज भर्ती कर ऑक्सीजन दे रहे हैं। बाकी के मरीजों को डोज बढ़ाकर देनी पड़ रही है।
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