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किसानों की मेहनत पर पानी: फिरोजाबाद में नहर की पटरी टूटने से एक हजार बीघा फसल जलमग्न

Fri, 23 Jul 2021 01:32 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

बारिश के कारण खारजा नहर में अचानक ज्यादा पानी आने से पटरी टूट गई, जिससे करीब एक हजार बीघा फसलों में पानी भर गया। 
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खेतों में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद जिले के जसराना तहसील के गांव कताना एवं जेड़ाझाल के बीच खारजा नहर में पानी आने से पटरी टूट गई और एक हजार से अधिक बीघा खेत में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। सूचना पर एसडीएम एवं नहर विभाग के अधिकारी गुरुवार को मौके पर पहुंचे। किसानों ने कहा कि पानी नहीं रुका तो हालात और ज्यादा खराब हो जाएंगे। 

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नानऊ से जेड़ाझाल तक आने वाली नहर को प्रशासन ने खारजा नहर घोषित किया है। विगत कई दिनों से हो रही बरसात के बाद बुधवार देर शाम अचानक नहर में पानी आ गया। तेज बहाव के साथ आया पानी नहर की पटरियों को काटते हुए खेतों में पहुंच गया। पानी आने पर आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की तकरीबन एक हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई। 

नहर के पानी के कारण फसल के डूबने की सूचना पर गुरुवार को एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा के साथ नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर के पानी को रोकने का प्रयास किया। किसानों ने बताया खेतों में पानी भरने से धान की फसल खराब होने के साथ ही बाजरा की बुवाई प्रभावित हो गई है। किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है। 

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उपजिलाधिकारी जसराना विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि बंद पड़ी नहर में बरसात का पानी आने से खेतों में पानी चला गया है। नहर की पटरी सही कराने के साथ पानी को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।

अधिक बरसात होने पर आ जाता है नहर में पानी 
एटा जिले की सीमा से लगे एका क्षेत्र के गांवों में अधिक बरसात होने पर खारजा नहर में पानी आ जाता है। पटरियों के खराब होने पर पानी खेतों में आ जाता है। पूर्व में भी कई बार किसानों को खारजा नहर में पानी आने के कारण नुकसान हो चुका है।

किसान हो गए बर्बाद
गांव नगला देवा के बिजनेश कुमार ने कहा कि आधा दर्जन किसानों की सैकड़ों बीघा खेती में पानी भरने से किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए। रोपी गई धान की फसल नष्ट हो गई तो खेत में पानी भरने से दूसरी फसलों की बुवाई भी नहीं हो सकेगी। 
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सरकार नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दे
नगला पसी के किसान अखिलेश कुमार ने कहा कि दो हजार बीघा से अधिक खेती जलमग्न हुई है। पानी भरने से नुकसान का आंकलन कर शासन एवं प्रशासन मुआवजा दे।

पानी को रोकने एवं निकाले की व्यवस्था करे प्रशासन 
नगला पाए के भीष्मपाल ने कहा कि नहर में पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खेतों में जलस्तर बढ़ने के साथ गांव में पानी आने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन खेतों में भरे पानी को निकालने की व्यवस्था करने के साथ ही नहर में बढ़ रहे पानी को रोके।
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