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आगरा: एसएन में ब्लैक फंगस के एक और संदिग्ध मरीज की मौत, तीन पहुंची मृतक संख्या

Tue, 25 May 2021 08:55 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि गंभीर हालत में आई एक महिला की रविवार को मौत हो गई। दो संदिग्ध मरीजों की पहले मौत हो चुकी है।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के एक और संदिग्ध मरीज की रविवार को मौत हो गई है। उसे गंभीर हालात में भर्ती कराया गया था। अब तक ब्लैक फंगस के तीन संदिग्ध मरीजों की मौत हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के छह संदिग्ध मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है। 

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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि गंभीर हालत में आई एक महिला की रविवार को मौत हो गई। दो संदिग्ध मरीजों की पहले मौत हो चुकी है। यहां भर्ती होने वाले ब्लैक फंगस के कुल मरीजों की संख्या 23 हो चुकी है। सोमवार को तीन नए संदिग्ध मरीज और आ गए। ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि सोमवार को दो मरीजों का ऑपरेशन होना था, उसमें से एक ही ऑपरेशन हो सका।

एक मरीज का ऑपरेशन करने से एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने मना कर दिया। मरीज के दिल में समस्या है। कोरोना संक्रमण की वजह से फेफड़े की स्थिति भी ठीक नहीं है। इसलिए ऑपरेशन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अब कुल छह ऑपरेशन किए जा चुके हैं। 12 मरीज ईएनटी विभाग में भर्ती हैं। डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि अभी व्हाइट या फिर एलो फंगस के कोई मरीज नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि यह भी फंगस ही होता है, बस रंग अलग होने से उसे उसके रंग के आधार पर संबोधित करते हैं। 

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ब्लैक फंगस के तीन व कैंसर के दो मरीजों के ऑपरेशन
डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि मंगलवार को पांच मरीजों के ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में किए जाएंगे। इसमें से तीन मरीज ब्लैक फंगस के और दो मरीज कैंसर के हैं।  

ब्लैक फंगस से घबराएं नहीं कोरोना के मरीज 
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय की ओर से सोमवार को वीडियो संदेश जारी किया गया। उनका कहना है कि इस समय कोरोना संक्रमित लोग ब्लैक फंगस के डर से परेशान हैं। तमाम लोग सिर में दर्द, नाक बंद होने और पेट में दर्द होने पर घबराकर फोन कर रहे हैं कि उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण तो नहीं है।

डॉ. उपाध्याय का कहना है कि ब्लैक फंगस उन्हीं को होता है, जिनकी शुगर खराब हो और नियंत्रित न हो रही हो, इसके अलावा जिनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है, जोड़ों के दर्द की दवा चल रही है, उनमें होने संभावना है, वह भी लाखों में एक को। स्टेराइड देने से ब्लैक फंगस होने की उम्मीद बहुत कम होती है। यदि किसी को ब्लैक फंगस होता भी है तो समय से जांच कराकर इलाज कराएं, यह ठीक हो जाएगा। ब्लैक फंगस की निश्चित दवा है। आईएमए जिला प्रशासन से मिलकर इस बीमारी से लोगों को बचाने की दिशा में काम करेगा।
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