उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शनिवार को एक क्लीनिक में इलाज के दौरान डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने क्लीनिक में हंगामा काट दिया। कहा कि डॉक्टर ने बच्चे को गलत दवा पिलाई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौजूद लोगों से बात करके जानकारी ली। हालांकि तब तक आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गया था।
नगला भवानी उर्फ नगला बंजारन गांव निवासी सचिन ने बताया कि दो दिन से उसके डेढ़ वर्षीय बेटे अनमोल को पेट में दर्द और दस्त की शिकायत थी। वह जैथरा कस्बा के बढ़ैयान मोहल्ला में संचालित क्लीनिक पर डॉ. अरविंद के पास बच्चे का इलाज कराने पहुंचे। यहां चिकित्सक द्वारा बच्चे को दवा पिलाई गई।
बताया कि दवा पिलाने के बाद डॉक्टर ने सौ रुपये लिए। कुछ समय बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ने की जानकारी डॉक्टर को दी। कहा कि डॉक्टर क्लीनिक से भाग गया। वहीं परिजन बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जैथरा पहुंचे। जहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने बताया डॉक्टर द्वारा क्लीनिक पर बच्चे को जो दवा पिलाई गई है। उसी से बच्चे की मौत हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
प्रभारी निरीक्षक रामेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि बच्चे की मौत होने पर पिता की ओर से तहरीर दी गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
पूर्व में भी चिकित्सक पर दर्ज कराई जा चुकी है रिपोर्ट
एसीएमओ डॉ सर्वेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ 29 अगस्त को जैथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। क्लीनिक संचालक पर पूर्व में भी आरोप लगते रहे हैं। एक व्यक्ति द्वारा बच्चे का गलत उपचार करने का आरोप लगाया था। मामले में एसीएमओ ने क्लीनिक को सील कर दिया था। सील क्लीनिक होने पर भी दूसरा शटर खोलकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ उमेश त्रिपाठी ने कहा कि क्लीनिक पर बच्चे की मौत हुई है। ऐसी जानकारी मिली है। क्लीनिक संचालक पर पहले भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। क्लीनिक को सील कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।