कासगंज। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का खिचड़ी सहभोज कार्यक्रम एवं बैठक अधिशासी अभियंता कार्यालय पीएलजीसी कॉलोनी में आयोजित की। इसमें पुरानी पेंशन बहाली एवं आठवेें वेतन आयोग को लागू करने की मांग की गई। कर्मियों ने एक रहो सेफ रहो का नारा दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति दिनेश गौड़ ने कहा कि कभी समय था जब सरकारी नौकरी को बुढ़ापे में सुखद जीवन यापन की गारंटी माना जाता था। सरकारी नौकरी से व्यक्ति अपने और अपने परिवार के भविष्य के प्रति भी आश्वस्त रहता था परंतु अब समय बदल गया है। वर्ष 2005 के बाद नियुक्त होने वाले सरकारी कर्मचारी को पेंशन के नाम पर ठगा जा रहा है। कर्मचारी सरकार से आस लगाए बैठे हैं कि सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए कोई सकारात्मक कदम उठाएगी। डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के अध्यक्ष जावेद ख़ान ने कहा कि देश के संविधान में समानता को अधिकार के रूप में रखा गया है। जिस देश का लोकतंत्र एक मिसाल है उसी देश का तंत्र लोगों को अपने ढंग से चला रहा है। एक व्यक्ति मात्र एक दिन भी विधायक बन जाए तो वह पूरी ज़िंदगी पेंशन का हकदार बन जाता है और एक कर्मचारी को 30 साल की सेवा के बाद भी पेंशन नहीं मिलती। जिस पेंशन को बुढ़ापे की लाठी कहा जाता था वह लाठी अब टूट चुकी है। जिला मंत्री रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार शीघ्र आठवें वेतन आयोग का गठन कर इसे लागू किया जाए। एक व दो मार्च को प्रयागराज कुंभ में केंद्रीय नेतृत्व की बैठक होगी। इसमें आंदोलन की रणनीति बनेगी। इस दौरान इंजीनियर हरेंद्र सिंह, इंजीनियर नरेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट सुशील कुमार, इंजीनियर भगत सिंह, ओमवीर सिंह, अरविंद कुमार, जुगेंद्र सिंह, मोहनलाल आदि मौजूद रहे।