कासगंज। वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है, लेकिन जिला में लगातार ही टीबी मरीज सामने आ रहे हैं। अब जिला के 800 टीबी रोगियों को अधिकारी गोद लेकर पोषित करने का जिम्मा संभालेंगे। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
टीबी रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार से पोषण योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही टीबी रोगियों को अधिकारियों के माध्यम से गोद लेने की व्यवस्था की गई है। अभी तक बच्चों को ही गोद लेकर पोषित किया जा रहा था। इसके बाद भी जिला में टीबी रोग पर अंकुश नहीं लग पा रहा। प्रतिवर्ष ही टीबी मरीज सामने आ रहे हैं। वर्तमान वर्ष के ढाई माह में ही 1336 टीबी मरीज सामने आ चुके हैं। लगातार मरीजों के सामने आने के बाद अब सभी टीबी रोगियों को गोद लेने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। जिले में वर्तमान में जो मरीज सक्रिय हैं उनमें से 800 टीबी रोगियों को अधिकारी गोद लेंगे। ताकि उनकी उचित देखभाल हो सके। भाल करेंगे।
आज से शुरू होगा टीबी खोजी विशेष अभियान
कासगंज। टीबी रोगियों को खोजने के लिए जिला में बृहस्पतिवार से विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 13 अप्रेल तक चलेगा। कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर्स घर घर जाकर दस्तक देंगे। टीबी लक्षण युक्त व्यक्ति मिलने पर उसका सैंपल लिया जाएगा। जांच में यदि टीबी रोग की पुष्टि होगी तो उसका उपचार किया जाएगा।
पांच साल में जिला में मिले टीबी संक्रमित
वर्ष टीबी रोगी
2018 3346
2019 3813
2020 2281
2021 2593
2022 अब तक 1336
जिला में ये हैं व्यवस्थाएं
बलगम जांच केंद्र 9
एक्सरे जांच केंद्र 5
सीबीनॉट जांच केंद्र 1
ट्रूनॉट जांच केंद्र 5
जिला में वर्तमान में 1336 टीबी मरीज सक्रिय हैँ। इनमें से 800 मरीजों को अधिकारी गोद लेंगे। शेष मरीजों के उपचार की अवधि पूरी होने जा रही है। इसलिए इनको गोद नहीं लिया जाएगा। - डॉ. सीएल यादव, नोडल अधिकारी, जिला क्षयरोग विभाग