दूसरी तरफ मनकेड़ा में लेखपाल जय किशोर ने टीम के साथ तीन तालाबों की पैमाइश कराई। लेखपाल ने बताया तालाब के गाटा 318 में पांच और गाटा 817 में एक व गाटा 358 में दो मकान बने हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। तीनों तालाबों पर 12 जगह अतिक्रमण हैं।
सैमरी क्षेत्र के गंगरौआ में पांच तालाब हैं। इनमें तीन पर कब्जे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल गजेंद्र राना के मुताबिक तालाब के गाटा 544 में 5050 वर्ग मीटर करीब ढाई बीघा जमीन पर 15 मकान बने हैं। इनके विरुद्ध धारा 67 में कार्रवाई होगी। गाटा 430 में तालाब पर दो पक्के निर्माण हैं।
इसका क्षेत्रफल 2300 वर्ग मीटर है। बाकी हिस्से में तालाब में पानी भरा है। गाटा 534 में 230 वर्ग मीटर का तालाब बीच गांव में था, जो मौके पर नहीं मिल रहा। सीमांकन व पैमाइश नहीं हो सकी। तीन तालाबों पर सात अतिक्रमण हैं, इनकी सूची बनाई है।
तहसीलदार सदर प्रेम पाल सिंह ने बताया पक्के निर्माणों के विरुद्ध धारा 67 में मुकदमा दर्ज कर पहले पक्षों को सुना जाएगा। साक्ष्यों व रिकॉर्ड के आधार पर राजस्व न्यायालय में सुनवाई होगी।
निर्माण अवैध साबित होने पर कब्जेदारों को मौके से बेदखल किया जाएगा। बेदखली के बाद पुलिस की मदद से तालाब कब्जा मुक्त होंगे। इस दौरान अगर कोई शांति भंग का प्रयास करेगा तो उसे जेल भेजा जाएगा। इसमें दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
निर्देश : एडीएम वित्त ने नगरायुक्त से मांगी रिपोर्ट
शहर व देहात में तालाबों पर हुए अतिक्रमण व अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने सदर तहसील क्षेत्र में 44 तालाबों की रिपोर्ट तीन दिन में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
एडीएम ने बताया शहरी क्षेत्र में तालाबों पर कार्रवाई नहीं करने पर नगरायुक्त से भी रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है।