अब इसकी जांच कराकर वेतन रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, कन्नौज के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने यहां जांच कराई तो पता चला कि वहां जिन संतोष कुमारी की तैनाती है, उनके सभी प्रमाणपत्र सही हैं।
वर्ष 2007 में आगरा में स्थानांतरण पर आई थी
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संतोष कुमारी की सर्विस बुक दिखवाई गई तो पता चला कि वह वर्ष 2007 में फिरोजाबाद से स्थानांतरित होकर वह आगरा आई। जबकि नियुक्ति वर्ष 1999 की है। अब फिरोजाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर संतोष कुमारी की नियुक्ति की जानकारी की जाएगी।
सारे प्रमाणपत्र फर्जी, एफआईआर किसके खिलाफ हो
विभाग के सामने एफआईआर दर्ज कराने और वेतन रिकवरी की चुनौती है। संतोष कुमारी के जिले में लगे सारे प्रमाणपत्र कन्नौज में तैनात शिक्षिका के ही हैं। बस बैंक खाता नंबर अलग है। हालांकि बैंक खाता नंबर में भी नाम संतोष कुमारी का ही है।
आगरा में कौन नौकरी कर रही थी? उसका असली नाम क्या है? यह अभी विभाग को पता नहीं है। स्थानांतरण के समय सत्यापन कराया गया होता तो यह स्थिति सामने नहीं आती। शिक्षिका वर्ष 2007 से जिले में ही करीब 31 लाख रुपये वेतन ले चुकी है।