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पड़ताल: यहां जिला महिला अस्पताल में नेग के नाम पर हर माह छह लाख की वसूली, एक प्रसव पर 1100 फिक्स; जानें सब कुछ

Tue, 01 Oct 2024 04:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में जिला महिला अस्पताल में नेग के नाम पर हर माह छह लाख की वसूली की जा रही है। एक प्रसव पर 1100 फिक्स हैं। हर दिन 20 प्रसव कराए जाते हैं।
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नवजात - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में जिला महिला अस्पताल में नवजात पैदा होने पर 1100 रुपये लेने का चलन हो गया है। प्रसव कराने वाली नर्सें महीने में छह लाख रुपये से भी अधिक वसूल रही हैं। हालात यहां तक है कि यह नेग न देने पर आपकी गोद में नवजात को नहीं दिया जाएगा। इसमें कई बार परिवार की आर्थिक विपन्नता का भी ध्यान नहीं रखा जाता।

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हाल ही में मैनपुरी के करहल सीएचसी पर नेग के चक्कर में नवजात की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। परिजन का आरोप है कि नेग के 5100 रुपये न देने पर नवजात को नर्स ने कपड़े में लपेटकर 40 मिनट तक मेज पर रख दिया। इससे उसकी मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन परिवार को दे रहा है।

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नवजात होने पर नेग मांगने का सिलसिला आगरा के जिला महिला अस्पताल में भी खूब चल रहा है। यहां हर दिन कम से कम 20 प्रसव कराए जाते हैं। हर नवजात पर 1100 रुपये नेग वसूले जा रहे हैं। महीने में वसूली की यह रकम 6,60,000 तक पहुंच जाती है। अस्पताल भी नेग के पैसे देने इसकी शिकायत कई बार तीमारदार कर चुके। लेकिन, कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होने से यह रुक नहीं रहा है।
 

ऑटो में हुआ बच्चा

जिला महिला अस्पताल के गेट पर ऑटो में बच्चा हो गया। फिर भी अस्पताल में 1100 रुपये नेग के लिए गए। पति बेरोजगार हैं। हमने 500 रुपये लेने को कहा तो बच्चा नहीं दिया। -रजनी, सेवला निवासी
 

जबरन वसूल रहे

नेग के नाम पर जबरन वसूली करते हैं। मेरी बहू के लड़की हुई फिर भी 1100 रुपये ले लिए। अस्पताल में पीने का पानी भी नहीं है लेकिन नेग पूरा लेते हैं। -मुन्नी, बोदला
 

नेग लेने पर दिया बच्चा

नेग लेने पर बच्चा गोद में दिया। कम रकम देने पर नहीं मानते। इंजेक्शन, दवा भी बाहर से मंगाना पड़ता है। -खुशी, मधु नगर
 

लगता डर कुछ कर न दें

नेग देना जरूरी हो गया है। मजबूरी में देना ही पड़ता है। डर लगता है कि न देने पर बच्चे को कुछ कर न दें। -मिथिलेश, लगड़े की चौकी
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ऐसा कोई आदेश नहीं

हमारी तरफ से नेग देने का कोई आदेश नहीं है। यदि अस्पताल में ऐसा हो रहा है तो जांच कर कार्रवाई करूंगी। -डॉ. रचना गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक

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