चमड़े की कतरनों से बनाई 155 मीटर लंबी चटाई
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उत्तर प्रदेश के आगरा में जूता बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े की कतरन शहर के नालों को चोक कर रही है। पर, इस कबाड़ से जुगाड़ बनाकर नगर निगम ने कतरन से 155 मीटर लंबी चटाई बनवाई है। इसे गांधी जयंती पर महात्मा गांधी मार्ग पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसे 12 स्वयं सहायता समूहों की 60 महिलाओं ने तैयार किया है।
स्वच्छ भारत अभियान के प्रभारी पंकज भूषण ने बताया कि शहर में जूता बनाने के छोटे-बड़े 7000 कारखाने हैं। इनसे हर दिन 40 टन कतरन निकलती है। नगर निगम इन्हें एकत्रित करा रहा है ताकि नालों को चोक होने से बचाया जा सके।
डूडा की मदद से 12 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन कतरन से चटाई बना रही हैं। नगर निगम ने उन्हें चार टन कतरन उपलब्ध कराई है। अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि दो अक्तूबर को 155 मीटर लंबी चटाई का प्रदर्शन महात्मा गांधी मार्ग पर किया जाएगा।
लोहे के फ्रेम बनाकर बना रहीं
स्वयं सहायता समूह की रेखा ने बताया कि घरों में महिलाएं पुराने कपड़ों से डोरमैट और अन्य चीजें बनाती हैं। कतरन से चटाई बनाने की पहल पहली बार है। धनौली की रजनी और शीला ने बताया कि जिस तरह फोल्डिंग बेड की बुनाई होती है, वैसे ही लोहे के फ्रेम में धागे लगाकर चमड़े की एक से दो मीटर लंबी कतरन का इस्तेमाल बुनाई में किया है।
कोई चीज बेकार नहीं
कबाड़ से कलाकृतियां और अब कतरन से चटाई बनाकर संदेश दिया है कि कोई चीज बेकार नहीं है। रिसाइकिल करके न केवल कृतियां बनाई गई है, बल्कि स्वच्छता का संदेश भी दिया गया है। शहर के चौराहों पर वेस्ट टू वंडर उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। -अंकित खंडेलवाल, नगर आयुक्त