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पांच साल बाद भी 30 से अधिक भवनों का नहीं हो सका निर्माण

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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा सत्र 2015-16 से पहले के निर्माण कार्य पूरा न होने पर शासन ने नाराजगी प्रकट की है। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को पत्र जारी कर अधूरे और निर्माण न किए जाने वाले कार्यों का विवरण मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में 30 से अधिक भवन जिनका निर्माण लगभग 80 लाख की धनराशि से होना था अभी तक पूरा नहीं हो सका है। पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर निर्धारित समय में निर्माण के लिए ली गई धनराशि का समर्पण कराने के निर्देश दिए हैं।
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शासन ने भवन निर्माण में लापरवाही और अनियमितता की शिकायत पर वर्ष 2015-16 से पूर्व के कार्यों की जानकारी मांगी है। मुख्य सचिव के निर्देश पर राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2015-16 से पूर्व के जो निर्माण कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं उनकी जानकारी करे साथ ही भवन के निर्माण के लिए भेजी गई धनराशि का समर्पण कराया जाए। बीएसए को निर्देश दिए हैं कि भवन निर्माण क्यों नहीं हो सका कारण सहित यह भी बताया जाए।
परियोजना निदेशक का पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के 2015-16 से पूर्व के अधूरे और निर्माण कार्य शुरू न होने वाले भवनों की जानकारी दें। बीएसए ने डीसी निर्माण को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर से भी सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं ताकि निर्धारित समय में धनराशि को विभाग के खाते में समर्पण कराया जा सके। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशक ने 30 अप्रैल तक का समय दिया है।
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कुछ हुए सेवानिवृत्त तो कुछ की हो चुकी है मौत
शिक्षा सत्र 2015-16 से पहले जिले में जो भवन निर्माण अधूरे हैं या निर्माण हो ही नहीं सका। इनमें से कई के भवन प्रभारी अब इस दुनियां में नहीं हैं। कुछ भवन प्रभारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शासन के संज्ञान के बाद विभाग में खलबली मची हुई है कि आखिर धनराशि की रिकवरी कैसे कराई जाएगी।
राज्य परियोजना निदेशक का पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र के अनुसार कार्रवाई के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि मामला मेरे समय से पहले का है।
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विजय प्रताप सिंह बीएसए
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