फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के बिना नहीं मिलेगा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र,1 अप्रैल से नया नियम लागू

Sat, 02 May 2026 10:40 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत अब बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगे वाहनों को पीयूसी और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय है, जबकि 1 अप्रैल 2026 से नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे।
विज्ञापन
वाहन प्रदूषण - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में सड़क सुरक्षा के संबंध में सख्त कदम सामने आया है। अब व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) के बिना किसी भी वाहन को न तो प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) मिलेगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
Trending Videos

यह निर्णय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 19 दिसंबर 2025 के परिपत्र में दर्ज है, जिसमें वाहन की हर महत्वपूर्ण प्रक्रिया को वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़ने की बात कही गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन को आरटीआई में यह जानकारी दी गई है। उन्होंने बीते साल 8 मई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर दस दिन बाद 12 मई को सुनवाई होगी।

केसी जैन ने बताया कि केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली के नियम 125एच के तहत यह अनिवार्य किया जा चुका है कि सभी सार्वजनिक सेवा वाहन और नियम 90(5) राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगे होने चाहिए। हालांकि मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि ट्रैकिंग डिवाइस कम लगाए गए हैं। नए वाहनों के पंजीकरण, पुराने वाहनों के नवीनीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण के समय वीएलटीडी की अनिवार्य जांच की जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से फिटनेस प्रमाण पत्र और पीयूसीसी जारी करने से पहले वीएलटीडी की सक्रियता की जांच अनिवार्य कर दी गई है। यदि वाहन में यह डिवाइस सक्रिय नहीं पाया जाता है तो उसे राष्ट्रीय परमिट, फिटनेस या पीयूसीसी किसी भी हालत में नहीं मिलेगा।

 
विज्ञापन

वीएलटीडी और पैनिक बटन से यात्रियों की सुरक्षा
केसी जैन ने कहा कि निर्भया कांड के बाद बस, टैक्सी आदि में इमरजेंसी पैनिक बटन लगाया जाना था ताकि खतरा होने पर बटन दबाते ही पुलिस को सूचना मिले। आरटीआई से पता चला है कि वीएलटीडी के अनुपालन में गंभीर लापरवाही बरती गई। लाखों लोग प्रतिदिन सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करते हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें