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Agra News: जमानत के बाद एक हफ्ते से ज्यादा जेल में न रहे कोई बंदी, जिला और केंद्रीय कारागार के निरीक्षण में महानिदेशक कारागार ने दिए निर्देश

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जिला जेल का निरीक्षण करते डीजी कारागार
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आगरा। महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीणा ने बुधवार को जिला और केंद्रीय कारागार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल अधिकारियों से कहा कि जमानत मिलने के बाद बंदियों को एक सप्ताह से अधिक समय के लिए जेल में नहीं रखा जाए। अगर जमानतदार और जमानत राशि से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में बंदियों को समस्या है तो न्यायालय को अवगत कराएं।
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उन्होंने कहा कि जमानतदार और जमानत राशि कम कराने की अपील की जाए। इसके साथ ही बंदियों के कौशल विकास के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी कहा। यह भी निर्देश दिए कि बंदियों की पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी में पुस्तकों की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।महानिदेशक पीसी मीणा सुबह 8:46 बजे जिला कारागार पहुंचे। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद वह महिला बैरक में पहुंचे, सफाई व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की।
उन्हें महिला अहाते में लाइब्रेरी, ब्यूटी पार्लर एवं महिला बंदियों के बच्चों के लिए बनी स्मार्ट क्लास का प्रबंधन उचित लगा। उन्होंने बंदियों से बात भी की। किसी ने कोई समस्या नहीं बताई। कुछ बंदियों के पास सर्दियों के कपड़े मिले, जिन्हें शीघ्र हटाने के लिए कहा गया। कारागार कर्मियों को निर्देश दिए गए कि बंदियों को लू से बचाने के लिए उचित इंतजाम करें। लाइब्रेरी में पुस्तकों की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने कारागार की गैलरी, बैरकों, अहातों पर सकारात्मक पेंटिंग, स्लोगन की सराहना की।
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कारागार चिकित्सालय के जनरल वार्ड में विभिन्न बीमारियों के 13 बंदी भर्ती थे। महानिदेशक ने कहा कि बंदियों के उपचार की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। बाहर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है तो वह प्रक्रिया भी जल्द करें। निरीक्षण में जेलर राजेश कुमार राय, चिकित्साधिकारी डाॅ. रजनेश कुमार, उप जेलर संदीप भास्कर, अंजनी कुमार, नवीन कुमार यादव, मनोज कुमार शुक्ला, मेघा राजपूत आदि मौजूद रहे।

बंदियों की रिहाई का भेजें प्रस्ताव
केंद्रीय कारागार में सबसे पहले डीजी जेल चिकित्सालय पहुंचे। वार्ड में भर्ती बंदियों से जानकारी ली। दवाओं की उपलब्धता जानी। कारागार के सर्किल नंबर चार में उन्होंने सिद्धदोष बंदियों की परेड भी देखी। समय पूर्व रिहाई, जेल अपील, मामलों की पैरवी आदि के संबंध में बंदियों से संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिए कि 14 वर्ष की सजा पूरी करने वाले सभी बंदियों की समय पूर्व रिहाई का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजें। जिन बंदियों की समय पूर्व रिहाई के प्रकरण लंबित हैं, उनमें व्यक्तिगत स्तर पर जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से संपर्क करें। हालांकि जेल प्रशासन ने बताया कि कारागार में कोई प्रकरण लंबित नहीं है।
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जिला जेल का निरीक्षण करते डीजी कारागार

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