आगरा। जलभराव से निजात दिलाने के लिए दो महीने पहले जिस सड़क को 4.57 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया, उसके डीपीआर में फर्जीवाड़ा हुआ। सड़क फिर तालाब बन गई। इस लापरवाही पर दो इंजीनियर और ठेकेदार फंस गए हैं। तीनों को निगम ने नोटिस जारी किया है।
नगर निगम ने सेंट जोंस चौराहा से लोहामंडी होते हुए बोदला तक 4.57 करोड़ से सीसी रोड का निर्माण कराया था। सड़क की डीपीआर बनाने से लेकर निर्माण तक में भारी लापरवाही बरती गई। जलभराव हो गया। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने निर्माण के दौरान नाले के चैंबर ही सड़क के नीचे दबा दिए। मामले ने तूल पकड़ा तो नगर निगम ने दो इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस थमाकर जवाब तलब किया, वहीं निर्माण एजेंसी पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
सेंट जोंस चौराहे से बोदला रोड तक वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए नगर निगम ने सीसी रोड बनवाई थी। इसका ठेका दीप कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। महज दो महीने पहले यह सड़क बनकर तैयार हुई, लेकिन बुधवार को हालात इतने बिगड़ गए कि सड़क का आधा हिस्सा सीवर के गंदे पानी में डूब गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों को इसी गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर होना पड़ा, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह साफ है कि डीपीआर बनाने में भारी जल्दबाजी की गई। सड़क बनाते समय नाले के दो चैंबरों को पूरी तरह ढक दिया गया। चैंबर बंद होने से नाले की सफाई नहीं हो पाई और पाइपों में सिल्ट भर गई। बिना सोचे-समझे सड़क का लेवल पहले की तुलना में 2 से 3 इंच ऊंचा कर दिया गया, जिससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई।
इंजीनियरों पर गिरी गाज, टैंकरों से खिंचवाया पानी
नगर निगम की टीम ने बुधवार दोपहर मौके पर पहुंचकर दो टैंकरों की मदद से पानी निकलवाकर फौरी राहत दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय अवर अभियंता हरी ओम सिंह और सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्थायी समाधान के लिए अब तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा। नगर निगम ने साफ किया है कि जांच में निर्माण एजेंसी की लापरवाही सिद्ध होने पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
ये बोले जिम्मेदार
सेंट जोंस–बोदला रोड पर जलभराव की समस्या को बेहद गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यदि जांच में निर्माण एजेंसी या किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - अंकित खंडेलवाल, नगर आयुक्त