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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती नहीं किए जा रहे मरीज

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03एमएनपी-09-जिला अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को भर्ती किए जाने में लापरवाही बरती जा रही है। यहां तक की सामान्य बुखार वाले रोगियों को भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। वहीं, भीड़ बढ़ने से जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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जिले में नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन सभी पर डॉक्टरों की तैनाती के साथ ही मरीजों को भर्ती कर उपचार देने की व्यवस्था है, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले बुखार और पेटदर्द के सामान्य मरीजों को भी भर्ती करने के बजाय जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार प्रतिदिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से 15 से 20 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पहले से ही मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में सीएचसी से भी मरीज पहुंचने के कारण यहां व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। लोगों का आरोप है कि यहां का स्टाफ मरीजों को अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था न होने के चलते जिला अस्पताल में जाने के लिए कहता है।
प्रत्येक सीएचसी पर 30-30 बेड की है व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में सभी विकास खंडों में एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की जांच से लेकर सभी प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था है। प्रत्येक सीएचसी पर 30-30 बेड भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त यहां स्टाफ और डॉक्टरों के रुकने के लिए भवन भी बने हुए हैं। यदि कोई मरीज भर्ती के लायक है तो उसे तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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आंकड़ों से जानें
09 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जिले में संचालित
54 पद हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सृजित
30 डॉक्टरों की वर्तमान में है सीएचसी पर तैनाती
बिना इलाज के कर दिया रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर पर मंगलवार को पहुंची गढ़िया निवासी महेश सिंह की पत्नी सुरमाला (49) को मंगलवार को बुखार आया। परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर पहुंचे। यहां बिना उपचार के ही उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। सुरमाला के जिला अस्पताल के लिए लिखे गए रेफर पर्ची पर किसी प्रकार का उपचार भी दर्ज नहीं था। ईएमओ राजकुमार ने उन्हें जिला अस्पताल में उपचार दिया।
पेट दर्द के मरीज को भी नहीं किया भर्ती
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर पर मंगलवार को पहुंची किशन लाल की पत्नी आशा देवी (54) को पेट दर्द की दिक्कत होने पर परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर पहुंचे। यहां आशा देवी को बिना उपचार के ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। आशा देवी को जिस स्लिप से जिला अस्पताल रेफर किया गया, उस पर किसी प्रकार का उपचार दर्ज नहीं था। ईएमओ डॉ. राजकुमार ने आशा देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया।
भोगांव सीएचसी से किया रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी निर्मल कुमार की पत्नी ज्योति (28) को मंगलवार की सुबह किसी कीड़े ने काट लिया। परिजन उसे लेकर सीएचसी भोगांव पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बिना उपचार के ही उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टर राजकुमार ने उसे उपचार दिया, उसको सामान्य दिक्कत थी। डॉ. राजकुमार ने बताया कि सीएचसी से जो मरीज भेजे जा रहे हैं उन्हें सीएचसी पर उपलब्ध व्यवस्थाओं में उपचार दिया जा सकता है। सीएचसी पर मरीज भर्ती न किए जाने के कारण जिला अस्पताल में प्रतिदिन इमरजेंसी में भीड़ पहुंच रही है।
सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सीएचसी परिसर में बने आवासों में ही निवास करें। डॉक्टरों के सीएचसी पर ही निवास करने की लिखित जानकारी भी मांगी गई है। सीएचसी पर आने वाले मरीजों को जरूरत के हिसाब से भर्ती कर उपचार दिलाया जाएगा। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ
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