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स्कूलों में पंखे नहीं, बिजली भी नहीं आती

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कासगंज में सिढपुरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिढपुरा प्रथम में लाइट न होने पर बरामद में बैठकर प? - फोटो : KASGANJ
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जिले के सरकारी विद्यालयों में लगातार संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन इन संसाधनों का लाभ स्कूलों में जाने वाले नौनिहालों को नहीं मिल पा रहा। भीषण गर्मी में जब तापमान 45 डिग्री तक पहुंच रहा है। बच्चे बिना पंखे के गर्मी में क, ख, ग पढ़ रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों में बिजली न आने की शिकायत मिली है। स्कूलों में पंखे चलाने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं है। छात्र ही नहीं शिक्षक-शिक्षिकाएं स्वयं भी पंखे न चलने से परेशान होते हैं। ऐसे में वे स्कूल के बरांडे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाते हैं। जिले में 1263 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। ज्यादातर स्कूलों में यह समस्या है। इस ओर शासन प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कतई ध्यान नहीं है।
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प्राथमिक विद्यालय पूर्वोत्तर रेलवे
शहर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पूर्वोत्तर रेलवे का प्राथमिक विद्यालय संचालित है। इस विद्यालय में बच्चों के लिए पंखे आदि की कोई सुविधा नहीं है। इस विद्यालय का विद्युत कनेक्शन भी नहीं है। 92 छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में हैं। स्कूल में फर्नीचर की कोई व्यवस्था बच्चों के लिए नहीं है। भीषण गर्मी के बीच छात्र-छात्राएं शिक्षा ले रहे हैं। प्रधानाध्यापक रमाकांत का कहना है कि रेलवे प्रशासन को कई बार विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, लेकिन एनओसी नहीं मिली है। यहां किसी भी कक्ष में पंखे भी नहीं हैं।
प्राथमिक विद्यालय नगला सहजन
- इस विद्यालय में बिजली का कनेक्शन भी था और पंखे भी लगे थे, लेकिन पंखे खराब हो गए थे। छात्र छात्राएं क्लास रूम में ही बिना पंखों के चले ही अपनी पढ़ाई कर रहे थे। कक्ष के दरवाजे और खिड़कियां खुली हुईं थीं। प्रधानाध्यापिका राधाप्यारी रावत ने बताया कि पंखे खराब होने के कारण नहीं चल रहे हैं। उन्हें सही कराया जा रहा है। इलैक्ट्रीशियन को इस कार्य के लिए बुलाया गया है। इस विद्यालय में 63 विद्यार्थियों की संख्या बताई गई।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिढ़पुरा
इस विद्यालय में क्लास रूम में पंखे लगे हुए थे, लेकिन बिजली न आने के कारण पंखे बंद थे। गर्मी के कारण छात्र-छात्राएं परेशान हो रहे थे। उनकी परेशानियों को देखते हुए विद्यालय के खुले बरांडे में छात्र छात्राओं को बैठाकर शिक्षक पढ़ा रहे थे। बिजली न होने की स्थिति में विद्यालय में पंखे चलाने का कोई और विकल्प नहीं है। प्रधानाध्यापक राकेश वर्मा ने बताया कि गांव में बिजली नहीं आती तो पंखे नहीं चल पाते। जब बिजली की सप्लाई मिलती है तो पंखे चलते हैं।
प्राथमिक विद्यालय रजमऊ
- इस प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्रा गर्मी में शिक्षण कार्य कर रहे थे। गांव में बिजली न होने के कारण पंखे संचालित नहीं हो पा रहे थे, जिससे छात्र छात्राएं परेशान थे। स्कूल की प्रधानाध्यापिका अनीता ने बताया कि बिजली न आने के कारण पंखे नहीं चल पा रहे हैं। बैटरी इनवर्टर की कोई व्यवस्था नहीं है।
फैक्ट फाइल-
प्राथमिक विद्यालय- 826
जूनियर हाईस्कूल- 278
कंपोजिट- 159
सभी सरकारी स्कूलों में बिजली के कनेक्शन हैं। सभी कक्षों में पंखे लगे हुए हैं। बिजली की आपूर्ति होने पर सभी पंखे चलते हैं। बिजली के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इसके लिए विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजकर प्रार्थना करेंगे कि विद्यालय के समय में बिजली आपूर्ति संचालित रहे। - राजीव यादव, बीएसए।
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