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बाढ़ से प्रभावित चंबल के 14 गांवों में आठ दिन से बिजली नहीं

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बाह। चंबल का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। मंगलवार को 5 मीटर कम होकर जलस्तर 124.60 मीटर रह गया। बाढ़ से घिरे 14 गांवों के रास्ते खुलने लगे हैं जबकि फसलें अभी भी डूबी हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली आठवें दिन भी गुल रही।
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बाढ़ में के कारण मऊ की मढैया, भगवानपुरा, झरनापुरा, पुरा शिवलाल, उमरैठा पुरा, क्योरी बीच का पुरा, रेहा, कछियारा, डगोरा, गुढ़ा के लोगों ने बीहड़ में शरण ली थी। कुछ गांवों के रास्तों से पानी उतर रहा है लेकिन उन पर दलदल की मोटी परत जम गई है। जबकि खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों में दरारें पड़ गई हैं। पुरा शिवलाल के अमरसिंह, गुढ़ा के हजूरी, भगवानपुरा के वेदचारी, उमरैठापुरा के फतेह सिंह बोले कि बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
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बाढ़ का पानी निकलने के बाद पता चला कि भगवानपुरा की सड़क तीन स्थानों पर पूरी मलबे के साथ बह गई। गांव की सड़क पर दो से 3 फीट तक दलदल जमा है।
बाढ़ में बह गया बेटियों की शादियों का सामान
बाह। बाढ़ में बेटियों प्रीती, सविता की शादी के लिए जुटाया गया सामान भी बह गया। गृहस्थी के के साथ बेटियों की शादी का सामान नष्ट होने से वेदचारी की मां मिठोली देवी बोलीं कि अब बेटियों के हाथ कैसे पीले होंगे।
बाढ़ में घर डूबने पर बीहड़ के टीले पर ठिकाना बनाने वाली मिठोली देवी मंगलवार को तबाही का मंजर देखकर सदमे आ गईं। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियों का रिश्ता तय कर दिया था। शादी के लिए सामान जुटा लिया था। बाढ़ से घर की दीवारें दरक गईं। खाने पीने को भी कुछ नहीं बचा। उन्होंने बताया कि दो साल पहले की बाढ़ का मुआवजा भी आजतक नहीं मिला है।
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