फिरोजाबाद। महाराष्ट्र के अहमद नगर के सिविल अस्पताल में लगी आग की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। हालांकि जिले में भी हालात इससे इतर नहीं है। सुहागनगरी के अस्पताल में भी आग पर काबू पाने के लिए सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो मरीजों को खुद दौड़ लगाकर अपनी जान बचानी पड़ेगी।
कांच उद्योग और गैस की आपूर्ति होने के कारण सुहागनगरी काफी संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में जिले में आग पर काबू पाने के इंतजाम होने पर लगातार जोर दिया जाता है। हालांकि जिले के अस्पतालों में ही आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। सरकारी ट्रामा सेंटर की बात करें तो यहां आग से सुरक्षा के नाम पर सिर्फ महज एक फायर सिलिंडर लटका है।
इसकी वैद्यता भी समाप्त हो चुकी है। इसी प्रकार एनसीडी वार्ड में भी सुरक्षा के नाम पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। वार्ड नंबर एक, दो और तीन के साथ ही हड्डी रोग विभाग में भी आग पर काबू पाने के लिए इंतजार नहीं है। हालांकि नए वार्डों में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अग्नि सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
मेडिकल कॉलेज के नए हिस्से में आग से बचाव के इंतजाम किए गए हैं। पुराने हिस्सों में भी सुरक्षा की दृष्टि से इंतजाम बढ़ाए जाएंगे। जल्द ही मानकों को पूरा किया जाएगा।
डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज