एटा जिले में कथित तौर पर मादक पदार्थ रखने के आरोप में पुलिस ने 15 साल के किशोर को जेल भेज दिया। जमानत पर बाहर आने के बाद किशोर ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एटा पुलिस से जवाब तलब किया है। साथ ही आयोग ने अपने जांच विभाग को मौके पर जाकर मामले की जांच करने का भी निर्देश दिया है।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सीनियर रैंक के एक पुलिस अधिकारी द्वारा आरोपों की जांच करने और चार सप्ताह के भीतर आयोग को कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
मनीष गुप्ता हत्याकांड: मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही विरोध खत्म कराने का प्रशासन पर दबाव, इस बात का है डर
आयोग ने कहा कि उसने समाचार की एक क्लिपिंग के साथ इस शिकायत का संज्ञान लिया है कि 15 वर्षीय एक किशोर मादक पदार्थ रखने के आरोप में एक वयस्क के रूप में जेल भेजे जाने की यातना को सहन नहीं कर सका। उसने तीन महीने बाद जमानत पर रिहा होने के बाद 21 सितंबर को उत्तर प्रदेश के एटा में आत्महत्या कर ली।