100 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी
जनवरी में आगरा स्मार्ट सिटी को 100 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के अंतर्गत संचालित होने वाली इन बसों के आने के बाद पुरानी सिटी बसों को हटा दिया जाएगा।
आईएसबीटी फ्लाईओवर होगा पूरा
आईएसबीटी पर तीन साल से निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दूूसरी लेन भी जनवरी में यातायात के लिए खोल दी जाएगी। खंदारी से सिकंदरा की ओर जाने वाली लेन को एक सप्ताह पहले ही खोला जा चुका है।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
एसएन मेडिकल कॉलेज में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण चल रहा है, जो इसी साल पूर्ण हो जाएगा। एम्स जैसी सुविधाएं यहां मिलने लगेंगी। प्राचार्य प्रशांत गुप्ता के मुताबिक कार्य तेजी से चल रहा है।
ललित कला संस्कृति भवन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सिविल लाइंस परिसर में ललित कला संस्कृति भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। जनवरी में ही इसके हैंडओवर होने की उम्मीद है। ललित कला संस्थान को अपना भवन में मिलेगा और आईटीएचएम (इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट) भी इसी में शिफ्ट होगा। विवि के पीआरओ प्रदीप श्रीधर के मुताबिक कार्य अंतिम चरण में है।
ताजमहल के पास 24 घंटे मिलेगा पानी
142 करोड़ रुपये की लागत से आगरा स्मार्ट सिटी के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। मई तक ताजगंज क्षेत्र के 9 वार्ड, दो गांव और छावनी परिषद के आंशिक हिस्से में 1.46 लाख लोगों को 24 घंटे गंगाजल उपलब्ध होनेे लगेगा।
कूड़े से बिजली बनाने का लगेगा प्लांट
कुबेरपुर लैंडफिल साइट की 11 एकड़ जमीन पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का प्रदेश के मुख्यमंत्री जनवरी में शिलान्यास कर सकते हैं। 172 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्लांट में 800 मीट्रिक टन कचरे से हर दिन 15 मेगावाट तक बिजली का उत्पादन किया जाएगा। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे के मुताबिक जनवरी में प्लांट का शिलान्यास होने की उम्मीद है, 14 माह में प्लांट तैयार होगा।
ताजगंज में वैक्यूम सीवर से जुड़े घर
आगरा स्मार्ट सिटी योजना के तहत ताजगंज, चारों कटरों समेत 9 वार्डों में 150 करोड़ रुपये की लागत से 60 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जो पहली बार वैक्यूम टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। यह काम मार्च 2022 में पूरा होगा। इसी के साथ 38 हजार घरों में सीवर लाइन जोड़ी जा रही है।
सिकंदरा स्थित वाटर वर्क्स में गंगाजल
- फोटो : अमर उजाला
80 हजार घरों को मिलेगा गंगाजल
शहर के शास्त्रीपुरम, सिकंदरा, बोदला, अवधपुरी, मारुति एस्टेट, अलबतिया रोड, शाहगंज, आवास विकास कॉलोनी से सटी कालोनियों के 80 हजार घरों में मई से गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा। आगरा पेयजल आपूर्ति योजना फेज-तीन में 113.79 करोड़ और फेज-चार में 61.86 करोड़ रुपये से यह कार्य कराया जा रहा है। गढ़ी भदौरिया, राममोहन नगर, केशवकुंज, शाहगंज, आजमपाड़ा, शंकरगढ़ पुलिया, गूलर का नगला, कलाकुंज आदि जगहों में बन रही टंकियों से 40 से ज्यादा कालोनियों, मोहल्लों के 3 लाख से ज्यादा लोगों को गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा।
सभी 100 वार्डों में मार्च से शुरू होगा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
मार्च से शहर के सभी 100 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू हो जाएगा। अभी स्वच्छता कारपोरेशन ने फिलहाल 11 वार्डों में कू ड़ा कलेक्शन शुरू किया है। कूड़ा कलेक्शन के बाद शहर में रखे गए 444 डस्टबिन और डलाबघरों को खत्म किया जाएगा।
घर से कूड़ा लेकर सीधे ट्रांसफर स्टेशन में भेजा जाएगा, जहां कॉम्पेक्टर के जरिए इसे लैंडफिल साइट में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर पहुंचाया जाएगा। मेयर नवीन जैन के मुताबिक इस साल सफाई को लेकर कई प्रमुख कार्य किए जाने हैं। शहर को टॉप 10 स्वच्छ शहरों में लाने की पूरी कोशिश की जाएगी।