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सवाल अभी भी, नेकसे लाल जिंदा है या मर गया

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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र में करीब एक वर्ष पूर्व गांव मान्धाता के पास एक युवक का कंकाल बरामद हुआ था। परिजनों ने कपड़ों से शव की शिनाख्त नेकसे लाल के रूप में की थी। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए हड्डी का एक टुकड़ा भेजा था, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। परिजन भी असमंजस में है कि नेकसे जिंदा है या वाकई मर गया।
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थाना भोगांव क्षेत्र के गांव रुई निवासी नेकसे लाल प्रजापति अविवाहित था। करीब चार बीघा खेती व खुद का मकान भी है। 27 दिसंबर 2018 को एक कंकाल गांव मान्धाता के पास बरामद हुआ था। नेकसे के परिजनों ने कपड़ों के आधार पर पहचान करते हुए शिनाख्त का दावा किया था। आरोप लगाया था कि संपत्ति के लिए ही उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने बताया था कि करीब डेढ़ से वह लापता चल रहा था, जिसकी गुमशुदगी भी थाने में दर्ज कराई गई थी।
तत्कालीन इंस्पेक्टर श्याम सिंह पीलवान की ओर से उक्त मामले में डीएनए जांच के लिए सैंपल भेजा गया था, लेकिन एक वर्ष का समय बीतने को है लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। परिजन अभी तक असमंजस की स्थिति में हैं कि कंकाल वाकई नेकसे का था या वह अभी जीवित है।
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कंकाल के पास मिला था पत्थर
किसान का कंकाल गांव मान्धाता के पास मिला था। वहीं शव के पास एक पत्थर भी मिला, जिस पर लगे खून के छींटे हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे थे। पुलिस भी हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर पा रही थी। एक वर्ष बाद भी डीएनए रिपोर्ट न आने से पुलिस कार्रवाई भी अधर में लटकी हुई है।
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डीएनए जांच रिपोर्ट आने में कुछ समय लगता है। मामले के बारे में जानकारी कर देरी की वजह के बारे में जानकारी की जाएगी।
प्रयांक जैन, सीओ भोगांव
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