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Agra News: दो विभागों की लापरवाही, आधा शहर पानी के लिए तरसा

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आगरा। दो सरकारी विभागों की ज़िद और लापरवाही का खामियाज़ा शहर की जनता को भुगतना पड़ा। जनता को पानी मुहैया कराने का दावा करने वाले जलकल और बिजली सप्लाई का दम भरने वाले डीवीवीएनएल के बीच छिड़ी नूरा-कुश्ती ने मंगलवार को आधे शहर में शाम को जलापूर्ति नहीं हो सकी। बिना पूर्व सूचना के शटडाउन ले लिया गया, सिकंदरा वॉटरवर्क्स की बत्ती गुल कर दी गई और नतीजा यह हुआ कि लाखों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहे।
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एक तरफ बिजली विभाग व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है, तो दूसरी तरफ जलकल विभाग जानकारी नहीं मिलने की बात कह रहा है। सिकंदरा वाटरवर्क्स पर बिना बताए शटडाउन ले लिया गया। इससे गंगा और यमुना जल का 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट ठप हो गए। दोपहर एक से शाम 6 बजे तक पेड़ों की छंटाई और जंगल से निकल रहे 44 खंभों की मरम्मत के लिए डीवीवीएनएल ने शटडाउन लिया था, जिस वजह से शोधन प्लांट न चल पाने से मंगलवार शाम की जलापूर्ति नहीं हो सकी। आधा शहर प्रभावित रहा और लोग जलापूर्ति के समय बार-बार नल खोलकर इंतजार करते रहे। जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने मंगलवार दोपहर एक से शाम 6 बजे तक शटडाउन लिया था, जिस वजह से पानी का शोधन नहीं हो सका। शाम को 6 बजे के बाद विद्युत आपूर्ति शुरू हुई, तब शोधन किया गया। रात में पंपिंग स्टेशनों के जलाशय भरे जाएंगे। बुधवार सुबह जलापूर्ति होगी। वहीं, एक्सईएन सिकंदरा अजय कुमार ने कहा कि जलकल अधिकारियों व स्थानीय ग्रुपों में सूचना दे दी गई थी। साथ ही सिर्फ दो घंटे के शटडाउन लिया गया।

छह घंटे गुल रही बिजली, लोग हुए परेशान
बिना किसी पूर्व सूचना दिए मेंटेनेंस के नाम पर शटडाउन लेने की वजह से कई क्षेत्रों में लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। बाईंपुर, यूपीएसआईडीसी व कैलाश मंदिर व आसपास के क्षेत्र में दिनभर बिजली गुल रहने से लोगों को खासी परेशानी हुई। विभाग ने इसकी सूचना सार्वजनिक रूप से देने की बजाय एक्स और व्हॉट्सएप ग्रुप पर मंगलवार को सूचना साझा कर खानापूर्ति कर ली। नतीजा यह हुआ कि अधिकतम उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंची ही नहीं और वह शिकायत करते रहे।
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क्या है नियम
निर्देशों के अनुसार किसी भी क्षेत्र में मरम्मत या पूर्व निर्धारित कार्य के लिए शटडाउन लेने के लिए एक से दो दिन पहले सार्वजनिक सूचना देनी होती है। यदि शटडाउन से दूसरे विभाग की सेवाएं बाधित हो रही हो तो संबंधित अधिकारियों से समन्वय करने के बाद शटडाउन लिया जाना चाहिए।

इन क्षेत्रों में नहीं हुई जलापूर्ति
सिकंदरा, बोदला, शाहगंज, लोहामंडी, केदार नगर, लॉयर्स कॉलोनी, संजय प्लेस, हलवाई की बगीची, पचकुईयां, गोकुलपुरा, राजा की मंडी, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, आवास विकास कॉलोनी, शास्त्रीपुरम, पश्चिमपुरी, रामनगर पुलिया, बालाजीपुरम, अवधपुरी, बिचपुरी रोड, सुभाष नगर, श्याम नगर, सिकंदरा-बोदला रोड की कॉलोनियों, प्रकाश नगर, शाहगंज चारबाग, साकेत कॉलोनी, बाड़ा चरन सिंह, मंसा देवी गली, मदिया कटरा, जयपुर हाउस, गोविंद नगर, नगला छऊआ, खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, एयरफोर्स स्टेशन, नाई की मंडी आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं हो पाई।

पूर्व सूचना दिए बिना शटडाउन से परेशानी
खेरिया मोड़, अर्जुन नगर निवासी राजकुमार नागरथ ने बताया कि बिना सूचना के जलापूर्ति कभी भी रोक दी जा रही है। पहले से सूचना देंगे तो अपनी जरूरत का पानी भर लेते लेकिन जलकल विभाग लगातार ऐसे ही कर रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। राजनगर के पार्षद बंटी माहौर ने बताया कि महीने में आठ से दस दिन जलापूर्ति नहीं हो रही है। जलकल महाप्रबंधक इस पर ध्यान दें अन्यथा लोग कार्यालय पर जाकर धरना देंगे।
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