एटा जनपद में रिकॉर्ड के दुरुस्तीकरण में अलीगंज तहसील क्षेत्र के गांव नदराला में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 1969 में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान शत्रु संपत्ति में पाकिस्तान के लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए, जो अभी तक बने हुए हैं। कुछ हिस्से पर यहां रह रहे उनके परिवारीजनों ने अपने नाम दर्ज करा लिए। मामला सामने आने के बाद इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही जमीन को सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अभिलेखों की कराई जाएगी जांच
उपजिलाधिकारी अलीगंज एसपी वर्मा ने बताया कि वर्ष 1947 में देश विभाजन के समय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे। नियमानुसार यहां छोड़ी गई उनकी संपत्ति शत्रु संपत्ति में सरकारी खाते में दर्ज कर ली गईं, लेकिन नदराला में 1969 में हुई चकबंदी प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों ने पूछताछ कर जमीन के मालिकों के नाम डाल दिए। अभी जब यह जानकारी हुई तो गंभीरता के साथ अभिलेखों की जांच कराई गई। खतौनी सत्यापन के दौरान पाया गया कि गाटा संख्या 263 में 1.07 एकड़ जमीन अजीज खां पुत्र सुल्तान खां पुत्र हुसैनी खां निवासी पाकिस्तान, गाटा संख्या 477, 503, 583क, 585, 586 में 0.077, 0.146, 0.040, 0.174, 0.061 हेक्टेयर जमीन अजीज खां पुत्र सुल्तान खां पुत्र हुसैनी खां निवासी पाकिस्तान के नाम पर दर्ज है।
अधिकारियों ने कहा... सभी लोगों को नोटिस जारी किए गए
वहीं गाटा संख्या 794 में 0.376 हेक्टेयर जमीन सुल्तान खां पुत्र हुसैनी खां निवासी पाकिस्तान के नाम दर्ज है। इसमें गाटा संख्या 794 की 0.376 हेक्टेयर जमीन को मिलीभगत के जरिए वसीम, बन्ने, पुन्ने, हसीम खां, मतीन खां, पुत्रगण याकूब खां निवासी नदराला ने अपने नाम दर्ज करा लिया। इन सभी लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनके नाम जमीन से खारिज कर इसे राज्य सरकार में दर्ज किया जाएगा।
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