हजयात्रा जहां ईद उल अजहा के महीने में होती है, वहीं ज्यादातर लोग रमजान के मुबारक महीने में उमराह करने सऊदी अरब पहुंचते हैं। आगरा के हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी बताते हैं कि साल के 11 माह में उमराह कभी भी किया जा सकता है। सात बार उमराह करने पर हज का सवाब मिलता है।
आगरा से हर साल करीब पांच हजार से ज्यादा लोग उमराह करने सऊदी अरब जाते हैं। अब करीब दो साल बाद उमराह पर जाने की इजाजत मिली है। इससे जो लोग हज से वंचित रह गए हैं, वह कम से कम उमराह कर सकेंगे। इसमें भी पाक मक्का- मदीना की जियारत की जाती है।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के समी आगाई बताते हैं कि उमराह की बुकिंग ज्यादातर दिल्ली के ट्रेवल एजेंट करते हैं। इसमें आठ से 15 दिन तक की धार्मिक यात्रा होती है। अब ताजनगरी में परिवार केसाथ उमराह करने का चलन बढ़ गया है। लोग अपने परिवार केसाथ धार्मिक यात्रा पर जाते हैं।