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मुस्लिम युवतियों ने पेश की सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल

Sat, 25 Feb 2017 12:24 AM IST
मुस्लिम युवतियों ने पेश की सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल
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मुस्लिम युवतियों ने पेश की सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महाशिवरात्रि के मौके पर बटेश्वर तीर्थ में सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली। फिरोजाबाद के जहांगीरपुर निवासी दो मुस्लिम बहने आरिफा और शबनम अपनी हिंदू सहेलियों के साथ कांवड़ लेकर भगवान ब्रह्मलाल जी महाराज पहुंची। वे कासगंज के सोरो से गंगाजल लेकर आई थी। उन्होंने कांवड़ अपने हाथों से तैयार की। साथ में उनके परिवारीजन भी थे। हालांकि युवतियों ने खुद जलाभिषेक न कर अपनी सहेलियों से कराया।
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दरअसल, फिरोजाबाद के गांव जहांगीरपुर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के भाईचारा के साथ रहते हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर अपनी हिंदू सहेलियों की देखादेखी आरिफा और शबनम ने भी कांवड़ तैयार की और सोरों से गंगाजल लाने चली गईं। शुक्रवार को बटेश्वर पहुंची इन युवतियों के साथ उनकी मां खातून बेगम और परिवार की कुछ महिलाएं उनकी हौसला अफजाई कर रही थीं।
घंटों लाइन में लगने के बाद युवतियां मंदिर के दरवाजे पर पहुंचीं तो कांवड़ से गंगाजल निकालकर साथ मौजूद हिंदू सहेलियों को देकर भगवान का अभिषेक करने को कहा। सहेलियों ने भगवान का अभिषेक किया और वे मंदिर के बाहर की खड़ी रहीं। सहेलियों ने भगवान की पूजा कर उनका प्रसाद लाकर उन्हें दिया।
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इसलिए नहीं टेका मत्था
मंदिर में खुद अभिषेक न करने के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि हमारे धर्म में मत्था टेकने की मनाही है। वे सहेलियों के साथ जल लेकर आई हैं। यह अच्छा काम है।
बेटियों ने नेक कार्य किया
उनकी अम्मी खातून बेगम का कहना था कि बेटियां कांवड़ लाई हैं। बस्ती की हिंदू सहेलियों और महिलाओं से भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक कराया है। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटियों के इस कार्य में कोई बुराई नहीं मानती हैं। उन्होंने नेक कार्य किया है।
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