2004 में पिता की मौत के बाद राजकुमार और उसका छोटा भाई चले गए थे मुंबई
कोरोना काल में मुंबई में नौकरी कर रहे राजकुमार के साथ उसके छोटे भाई अमित की नौकरी गई तो दोनों भाई अपने गांव लौट आए। गांव में अपने बड़े भाई पुष्पेंद्र के साथ पैतृक जमीन पर सब्जी उगाकर भाई भरण पोषण करने लगे। अभी तक राजकुमार समेत तीनों भाइयों की शादी नहीं हुई है। ग्रामीणों की मानें तो उसका किसी के साथ विवाद नहीं था। गांव नगला गोकुल निवासी पुष्पेंद्र ने बताया कि 2004 में पिता नमोशंकर की मौत के बाद परिवार टूट गया।
उसके बाद राजकुमार और उसका छोटा भाई अमित मुंबई में हलवाई की दुकान पर नौकरी करने लगे। कोरोना की पहली लहर में दुकान बंद होने के कारण राजकुमार और उसका भाई बेरोजगार हो गया और गांव लौट आया। पुष्पेंद्र ने बताया कि मुंबई से लौटने के बाद दोनों उसके साथ पैतृक जमीन पर खेती करने लगे। सब्जी आदि उगाकर उसे ग्रामीण क्षेत्रों में लगी मंडी में बेचा करते थे। पुष्पेंद्र ने बताया कि भाई की मौत के बाद परिवार पर संकट आ गया है। हालांकि उसने राजकुमार की किसी से दुश्मनी होने की बात से इनकार किया है।
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