मैनपुरी के करहल क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के पांच आरोपी 33 साल बाद जेल गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरोपियों ने अपर जिला जज की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इसके बाद उनकी अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
थाना करहल क्षेत्र में वर्ष 1983 में प्रधान चुनाव की रंजिश के चलते पिता-पुत्री की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई की ओर से पास के ही गांव के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है।
इसके बाद अपर जिला जज षष्टम ने वर्ष 1986 में पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों ने जेल जाने के बाद सजा कम कराने कए लिए हाईकोर्ट में अपील की। इस बीच उनकी हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई।